रामचंद्र पाण्डेय, भोपाल। प्रदेश के बच्चे अब ‘जादुई पिटारा’ से पढ़ाई करेंगे। यह एनसीईआरटी की एक किट है, जो प्रायमरी और मिडिल स्कूलों यानि पहली से 8वीं तक के बच्चों के लिए भेजी जाएगी। इसमें बच्चों के लिए खिलौने, कठपुतलियां, खेल, चित्रकला, नृत्य व संगीत पर आधारित चीजें शामिल होंगी।
एजुकेशन सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 लागू की है। इसमें एक नया स्टडी मटेरियल जारी किया गया है, जिसे 'जादुई पिटारा' नाम दिया गया है। इसकी सप्लाई करीब 29 हजार स्कूलों में की जाएगी। एक हजार बॉक्स पीएमश्री स्कूलों के लिए हैं। प्रदेश में पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों की संख्या साल 2024-25 में 91 लाख थी।
एनसीईआरटी की यह किट सभी स्कूलों में रखी जाएगी। इससे हर वर्ष प्रवेशित बच्चे किट के उपयोग से नई-नई चीजें सीखेंगे। इसमें मिलने वाले सामान की अनुमानित कीमत करीब 12 हजार रुपए है। यानी प्रदेश के स्कूलों में दिए जाने वाले जादुई पिटारा की कुल लागत करीब 36 करोड़ रुपए होगी।
इसे प्लेबुक, खिलौने, पहेलियां, कठपुतलियां, पोस्टर, फ्लैश कार्ड, कहानी की किताबें, वर्कशीट, एनिमेशन, स्थानीय संस्कृति, सामाजिक संदर्भ, भाषाओं को मिलाकर तैयार किया गया है।
[quote name="-विनय निगम, एमडी, पाठ्यपुस्तक निगम, भोपाल" quote="जादुई पिटारा एनसीईआरटी की किट है, इसे राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा स्कूलों में भेजा जाना है। इस किट को उपलब्ध कराने के लिए पाठ्यपुस्तक निगम को कहा गया है। 3 माह में हम किट उपलब्ध करा देंगे।" st="quote" style="2"]