Mithilesh Yadav
29 Nov 2025
Naresh Bhagoria
29 Nov 2025
योगेश सोनी, जबलपुर। मलेशिया के कुआलालम्पुर में आयोजित यूनाइटेड इकोनॉमिक समिट में जबलपुर की अधिवक्ता नाजिश खान ने महिलाओं के अधिकारों पर अपने विचार रखकर पूरे देश का मान बढ़ाया है। वे मप्र से शामिल इकलौती महिला अधिवक्ता थीं, जो फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रही हैं। उन्हें हाई कमीशन ऑफ नाइजीरिया के चार्ज ‘द अफेयर्स’ के सम्मान से भी सम्मानित किया गया। यह भारत के साथ मध्य प्रदेश के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यूनाइटेड डिप्लोमैटिक काउंसिल (यूडीसी) द्वारा 23 नवंबर को आयोजित यूनाइटेड इकोनॉमिक समिट 2025 में विश्व के विभिन्न देशों से राजनयिक, ट्रेड कमिश्नर, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल हुए।

नाजिश के परदादा स्व. नवाब तहसीन अली खान अंग्रेजों के जमाने में वकील और कलेक्टर थे। उनके दादा मतीन अली खान और पिता मुजाहिद अली खान (रिटायर्ड जज) थे। नाजिश ने अपने कॅरियर की शुरुआत उद्यमिता से की और एमबीए में दो स्वर्ण पदक हासिल किए। जबलपुर की चौथी पीढ़ी की न्यायिक विरासत से आने वाली नाजिश ने अपने पिता, स्व. खान की प्रेरणा तथा परिवार की न्यायिक परंपरा के कारण वे विधि क्षेत्र में आईं। वर्ष 2019 से वो वकालत कर रही हैं। नाजिश को सम्मान मिलने पर जबलपुर शहर के वकीलों और अनेक संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। अनेक नागरिकों ने कहा यह जबलपुर के लिए गर्व का विषय है।

मलेशिया में सम्मान मिलने पर बातचीत में नाजिश ने कहा कि, ‘मलेशिया में मिला सम्मान सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का सम्मान है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि इतने बड़े मंच पर मुझे मौका मिलेगा। मैंने पूरी दृढ़ता और तैयारी के साथ महिलाओं के सामने आ रहीं चुनौतियों और न्याय व्यवस्था के भविष्य में उनकी निर्णायक भूमिका पर अपनी बात रखी, जिसे सभी ने सराहा।’