इतवारा का कुल्फी- फालूदा, पीरगेट का बर्फ रसमलाई दोना दिला रहा गर्मी-उमस से राहत

यह है भोपाल का ‘कूल’ जायका: 100 साल पुरानी फालूदे की रेसिपी के शहरवासी हैं मुरीद
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इतवारा का कुल्फी- फालूदा, पीरगेट का बर्फ रसमलाई दोना दिला रहा गर्मी-उमस से राहत

प्रीति जैन- गर्मी और अब उमस का मौसम दोनों से राहत पाने के लिए लोग पुराने भोपाल में इतवारा के खास कुल्फी फालूदा और पीरगेट के पास रामू दादा का बर्फ रसमलाई दोना खाने पहुंच रहे हैं। वहीं, नए भोपाल की बात करें तो एमपी नगर स्थित घमंडी लस्सी और न्यू मार्केट में पंचानन भवन के बाहर राजेश कुल्फी फालूदा का जायका लेने सालभर ही फूड लवर्स आते रहते हैं। इन ठिकानों पर हमेशा ही लस्सी, बर्फ रसमलाई दोना और फालूदा खाने वालों की भीड़ रहती है।

1950 से खिला रहे हैं बर्फ रसमलाई दोना, दादाजी ने शुरू किया था यह काम

1950 से हमारा परिवार बर्फ रसमलाई दोना तैयार कर रहा है। यह काम मेरे दादाजी रामू नेमा ने शुरू किया था, तभी से इसका नाम रामू दादा बर्फ रसमलाई दोना पड़ गया। तब रामू दादा चौक बाजार में ठेला लगाया करते थे, फिर मेरे पिताजी रमेश नेमा इस काम से जुड़े और पिछले 25 साल से मैं दोना बना रहा हूं। हम शाम 5 से रात 11 बजे तक गाड़ी लगाते हैं। हम बर्फ के ऊपर अपने द्वारा बनाई चाशनी, रसमलाई और फिर शरबत डालते हैं। गर्मी के मौसम में हर दिन लगभग 200 लोग बर्फ रसमलाई दोना खाने आते हैं। -सचिन नेमा, रामू दादा बर्फ दोना, पीरगेट

42 साल पहले पिता ने की थी कुल्फी फालूदा की शुरुआत

लोगों को हमारे यहां का कुल्फी फालूदा काफी पसंद आता है। इसकी शुरुआत मेरे पिता सुखदेव चौहान ने करीब 42 साल पहले की थी। इसके बाद से हम इसी व्यवसाय में हैं। हम केसर, पिस्ता, इलायची युक्त कुल्फी फालूदा लोगों को खिलाते हैं। जैसा स्वाद मेरे पिता सुखदेव चौहान ने लोगों को पेश किया था। उसी स्वाद के साथ हम भी लोगों को कुल्फी फालूदा सर्व करने का प्रयास करते हैं। हर दिन सैकड़ों लोग इसे खाने आते हैं। - नरेश चौहान, राजेश फालूदा कुल्फी, न्यू मार्केट

40 साल से बना रहे हैं लस्सी, अब मुंबई में भी खोला आउटलेट

मेरे पिता किशोर राजदानी ने वर्ष 1984 में घमंडी लस्सी की शुरुआत की थी। हमारी घमंडी लस्सी भोपाल के साथ ही देश के अन्य शहरों में भी फेमस हैं, इसे पीने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। हम इसमें कोई प्रिजर्वेटिव नहीं मिलाते हैं। इसकी शुरुआत करते समय इसका जो स्वाद था, उसे हमने आज भी बरकरार रखा है। हमारे पास फ्रूट लस्सी, फालूदा लस्सी, मैंगो लस्सी हैं, जिसका प्राइस 50 से 70 रुपए तक रहता है। अन्य शहरों में भी इसके आउटलेट शुरू कर दिए हैं, हम मुंबई में इसका आउटलेट शुरू कर चुके हैं। - विशाल राजदानी, घमंडी लस्सी, एमपी नगर

हर दिन आते है हजारों लोग

मेरे परदादा ने 100 साल पहले कुल्फी-फालूदा बनाना शुरू किया था। हमारी छठी पीढ़ी यह काम कर रही है। हमारे यहां लस्सी और फालूदा दोनों में रबड़ी डाली जाती है, इसलिए स्वाद खास होता है। वहीं, फालूदा में डलने वाली सेवइयां, तुकमलंगा और रबड़ी को मिलाकर मिक्स तैयार करते हैं, फिर फ्लेवर के लिए रूह-अफजा मिलाया जाता है। यह फालूदा पेट व सीने की जलन को खत्म करता है। महिलाओं और पुरुषों के बैठके खाने के लिए अलग-अलग व्यवस्था भी कर रखी है। हर दिन लगभग 1000 लोग यहां आते हैं। - मो. मसूद, इतवारा भूरा भाई लस्सी

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