इटारसी में पनप रहा माफिया राज!विश्वनाथ टॉकीज चौराहे पर 5 बदमाशों ने युवक को उतारा मौत के घाट
इटारसी। शहर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न तो पुलिस का खौफ है और न ही कानून का। बीती देर शाम शहर के व्यस्ततम इलाके 'विश्वनाथ टॉकीज चौराहा रोड' पर पांच बदमाशों ने सरेआम एक युवक को घेरकर मौत के घाट उतार दिया।यह वारदात तब हुई, जब इसके ठीक कुछ घंटे पहले ही स्थानीय विधायक ने पुलिस के साथ कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए बैठक की।विधायक की नसीहतों की स्याही सूखी भी नहीं थी कि अपराधियों ने इस खूनी वारदात को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली।
इस निर्मम हत्याकांड के बाद से पूरे शहर में आक्रोश और दहशत का माहौल है। जनता अब केवल गिरफ्तारी नहीं,बल्कि अपराधियों के आर्थिक और सामाजिक साम्राज्य को ध्वस्त करने वाली त्वरित कार्रवाई चाहती है।
ताबड़तोड़ वार,मौके पर ही थमीं सांसें
मिली जानकारी के अनुसार, नाला मोहल्ला निवासी अनिकेत भदौरिया उर्फ पवन (उम्र- शादीशुदा,दो माह की बच्ची के पिता)को विश्वनाथ टॉकीज चौराहा रोड पर अस्पताल के पास करीब पांच बदमाशों ने घेर लिया।इससे पहले कि अनिकेत संभल पाता, हमलावरों ने धारदार हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अनिकेत के सिर,दोनों हाथों और छाती पर गहरे जख्म थे।लहूलुहान हालत में उसे निजी अस्पताल ले जाया गया,जहां डॉ.ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार,घातक हथियार से छाती पर वार किया गया है,जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो चुकी थी।
रेलवे स्टेशन का'सिंडिकेट' और पुरानी रंजिश
वारदात के पीछे रेलवे स्टेशन पर खानपान(कैटरिंग वेंडर्स) के धंधे से जुड़े वर्चस्व की जंग की आशंका जताई जा रही है।मृतक के भाई अंशुल सिंह भदौरिया ने बताया कि हमारा कुछ लोगों से पिछले आठ सालों से विवाद चल रहा है।चार दिन पहले भी रेलवे स्टेशन पर खानपान के काम को लेकर कुछ लोगों से विवाद हुआ था।अंशुल ने खुलकर कुछ नाम भी लिए है,जिसमें 'राजा टंकी',अक्कू'और 'बिट्टू'के नाम सामने आ रहे हैं।यदि यह हत्या रेलवे वेंडिंग के विवाद में हुई है,तो यह इटारसी स्टेशन पर चल रहे खूनी सिंडिकेट और गैंगवार की तरफ इशारा करती है।सबसे बड़ा और तीखा सवाल इटारसी पुलिस की मुस्तैदी पर खड़ा होता है। इस जघन्य हत्याकांड से महज कुछ घंटे पहले ही स्थानीय विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने पुलिस अधिकारियों की आपात बैठक ली थी।
नगर सेवकों की नियुक्ति कब होगी।
गौर करने वाली बात यह है कि विधायक डॉ.शर्मा ने इस से पूर्व भी शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया था।उन्होंने पुलिस प्रशासन के सामने आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी और पूर्व पुलिस अधीक्षक से नगर सेवकों की नियुक्ति की बात भी रखी थी,जिसे समय रहते मान लिया जाता तो कमसे कम पुलिस के पास और ताक़त होती।विधायक ने अपराधियों पर नकेल कसने के सख्त निर्देश दिए हैं।
विधायक की अपील
विधायक ने आम जनता से अपील की है के कोई भी बिल्कुल भय न रखे, स्थितियों को शीघ्र ही कंट्रोल कर लिया जाएगा,विधायक ने बताया कि पुरानी इटारसी में हुई घटनाओं पर मज़बूत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों की धर पकड़ की है,बाकी जो घटनाएं हुई हैं वे व्यक्तिगत द्वेष और आपसी विवाद वाली घटनाएं हैं, पुलिस अपना काम बखूबी कर रही है,किसी को भयभीत होने की ज़रूरत नहीं है।
बेखौफ हैं क्रिमिनल
हालांकि विधायक की बार-बार की चेतावनियों और ताजा बैठक के तुरंत बाद हुई इस हत्या ने साफ कर दिया है कि अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है और पुलिस का इंटेलिजेंस व गश्त पूरी तरह फेल साबित हो रहा है।
उग्र हुई जनता।
इस जघन्य हत्याकांड के बाद इटारसी के नागरिकों, व्यापारियों और पीड़ित परिवार का सब्र का बांध टूट गया है।शहर में लगातार हो रही चाकूबाजी से त्रस्त जनता ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक आम जनता और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के सामने दो टूक मांगें रखी हैं-
1.अपराधियों का निकाला जाए जुलूस: हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर उसी चौराहे पर उनका जुलूस निकाला जाए,जहाँ उन्होंने सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई थीं,ताकि अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा हो।
2.अवैध निर्माणों पर चले बुलडोजर: मध्य प्रदेश सरकार की अपराधियों के खिलाफ जीरो-टॉलेरेंस नीति के तहत इन हत्यारों के घरों और अवैध ठिकानों की जांच कर उन पर तुरंत बुलडोजर कार्रवाई की जाए।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।थाना प्रभारी (टीआई) सौरभ पांडेय ने बताया कि मर्ग कायम कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। शहर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं,लेकिन जनता का साफ़ कहना है कि जब तक अपराधियों का जुलूस नहीं निकलता और बुलडोजर नहीं चलता,तब तक उनका आक्रोश शांत नहीं होगा।














