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Trump का टैरिफ बम!ब्राजील पर लगाया 25% Tariff, WTO जाने की तैयारी में लूला सरकार

अमेरिका ने ब्राजील से आयात होने वाले अधिकांश सामान पर 25% टैरिफ लगाने का फैसला किया है, जो 22 जुलाई से लागू होगा। ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील की व्यापारिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं, जबकि राष्ट्रपति लूला ने फैसले को एकतरफा बताते हुए WTO में चुनौती देने का ऐलान किया है।
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ब्राजील पर लगाया 25% Tariff, WTO जाने की तैयारी में लूला सरकार
अमेरिका ने ब्राजील पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का किया ऐलान।

वॉशिंगटन डीसी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका ने अब वैश्विक व्यापार मोर्चे पर भी बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील से आयात होने वाले अधिकांश उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। अमेरिका का आरोप है कि, ब्राजील की व्यापारिक नीतियां निष्पक्ष नहीं हैं और राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की सरकार ने बातचीत में सहयोग नहीं किया। दूसरी ओर ब्राजील ने इस फैसले को एकतरफा बताते हुए विश्व व्यापार संगठन (WTO) में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।

22 जुलाई से लागू होगा नया टैरिफ

अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक ब्राजील से आने वाले अधिकांश उत्पादों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क 22 जुलाई से लागू होगा। यह फैसला अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की लगभग एक साल चली जांच के बाद लिया गया है। जांच में ब्राजील की कई व्यापारिक नीतियों को अमेरिकी हितों के खिलाफ बताया गया, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

अमेरिका ने ब्राजील पर क्या आरोप लगाए?

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ब्राजील ने अमेरिका के साथ व्यापारिक वार्ता में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति लूला और उनकी सरकार ने अच्छी नीयत से बातचीत नहीं की और समझौते के बजाय राजनीतिक रुख अपनाया। अमेरिका का दावा है कि, कई दौर की बातचीत और पर्याप्त समय देने के बावजूद ब्राजील ने अपनी नीतियों में कोई ठोस बदलाव नहीं किया।

Donald Trump

किन नीतियों पर अमेरिका ने जताई आपत्ति?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की जांच में ब्राजील की कई व्यापारिक और नियामकीय नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये नीतियां अमेरिकी कंपनियों, किसानों और निर्यातकों के लिए नुकसानदायक हैं।

अमेरिका की प्रमुख आपत्तियां

मुद्दा

अमेरिका का आरोप

डिजिटल ट्रेड

ई-पेमेंट और डिजिटल सेवाओं में बाधाएं

आयात शुल्क

कुछ देशों को विशेष टैरिफ लाभ

भ्रष्टाचार विरोधी कानून

प्रभावी क्रियान्वयन नहीं

बौद्धिक संपदा

IP अधिकारों की कमजोर सुरक्षा

अमेरिकी इथेनॉल

बाजार तक सीमित पहुंच

अवैध वनों की कटाई

पर्यावरणीय नियमों पर चिंता

मार्को रुबियो ने क्या कहा?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के अधिकांश उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में ब्राजील सरकार ने अमेरिका के साथ अच्छी नीयत से बातचीत नहीं की। रुबियो ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रपति लूला ने अपने देश के आर्थिक हितों से अधिक राजनीतिक प्राथमिकताओं को महत्व दिया।

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ब्राजील ने फैसले का किया विरोध

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिकी फैसले को एकतरफा और अनुचित करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम द्विपक्षीय संबंधों के लिए नुकसानदायक है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के अनुरूप नहीं है। ब्राजील सरकार का दावा है कि, पिछले 15 सालों में अमेरिका को दोनों देशों के बीच व्यापार से 424.5 अरब डॉलर का व्यापारिक अधिशेष (Trade Surplus) मिला है। ऐसे में अमेरिका द्वारा अनुचित व्यापार का आरोप लगाना तथ्यों से मेल नहीं खाता। ब्राजील ने कहा कि, वह इस फैसले को विश्व व्यापार संगठन (WTO) में चुनौती देगा और जरूरत पड़ने पर अपने 'रिसिप्रोसिटी लॉ' के तहत जवाबी कार्रवाई भी करेगा।

किन उत्पादों को मिली टैरिफ से राहत?

हालांकि अमेरिका ने अधिकांश उत्पादों पर नया टैरिफ लगाया है, लेकिन कुछ जरूरी वस्तुओं को इससे बाहर रखा गया है ताकि अमेरिकी सप्लाई चेन प्रभावित न हो।

इन उत्पादों पर फिलहाल टैरिफ नहीं

  • कॉफी
  • बीफ
  • संतरा
  • संतरे का जूस
  • कुछ तेल और गैस से जुड़े ऊर्जा उत्पाद
  • एयरोस्पेस उद्योग के पुर्जे
  • कुछ रेयर अर्थ मिनरल्स

Trade War

क्या है Section 301?

अमेरिका ने यह कार्रवाई Trade Act, 1974 के Section 301 के तहत की है। यह कानून अमेरिकी सरकार को अधिकार देता है कि यदि किसी देश की व्यापारिक नीतियां अमेरिका के खिलाफ अनुचित या भेदभावपूर्ण मानी जाएं, तो जांच के बाद उस देश पर अतिरिक्त टैरिफ या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इसी प्रावधान के तहत USTR ने जांच की और उसके आधार पर ट्रंप प्रशासन ने नया टैरिफ लागू करने का फैसला लिया।

दोनों देशों के बीच बातचीत क्यों नहीं बनी?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, पिछले छह सप्ताह में दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। अमेरिका का कहना है कि ब्राजील को अपनी नीतियों में सुधार के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, जबकि ब्राजील का आरोप है कि अमेरिका का फैसला व्यापार से अधिक राजनीतिक कारणों से प्रेरित है।

अमेरिका-ब्राजील व्यापार विवाद क्यों है अहम?

ब्राजील अमेरिका का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। कृषि उत्पादों, ऊर्जा, विमानन और खनिज क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बड़े स्तर पर व्यापार होता है। ऐसे में 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होने से दोनों देशों के कारोबारी संबंधों पर असर पड़ सकता है। साथ ही यह कदम वैश्विक व्यापार माहौल और सप्लाई चेन पर भी प्रभाव डाल सकता है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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