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युद्धविराम ईरान के लिए लागू!नेतन्याहू का बड़ा बयान, लेबनान पर हमला जारी रखेगा इजरायल

मिडिल ईस्ट में दो हफ्ते के युद्धविराम की खबर के बीच इजरायल ने चौंकाने वाला कदम उठाया है। दुनिया जहां शांति की उम्मीद कर रही थी, वहीं इजरायल ने साफ किया कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होगा। नेतन्याहू के आदेश पर बेका क्षेत्र में बमबारी हुई और टायर में एम्बुलेंस तक निशाना बनाया गया।
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नेतन्याहू का बड़ा बयान, लेबनान पर हमला जारी रखेगा इजरायल
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मिडिल ईस्ट में दो हफ्ते के लिए युद्धविराम का ऐलान कई देशों के लिए राहत लेकर आया, लेकिन इजरायल ने चौंकाने वाला बयान देकर सबको हैरान कर दिया। इजरायल ने साफ कहा है कि यह सीजफायर केवल कुछ क्षेत्रों पर ही लागू होगा, लेबनान इसमें शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि लेबनान में संघर्ष जारी रह सकता है।

    सीजफायर के तुरंत बाद हमला

    जैसे ही युद्धविराम की घोषणा हुई, इजरायल ने लेबनान के बेका क्षेत्र में बमबारी की। इजरायल ने यहां तक कि टायर में एम्बुलेंस को भी निशाना बनाया। इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह साफ किया कि लेबनान इस दो हफ्ते के युद्धविराम में शामिल नहीं होगा।

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    हिजबुल्लाह को निशाना बनाने की रणनीति

    इजरायल का मकसद हिजबुल्लाह को निशस्त्र करना है। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि युद्धविराम की शर्तों से पहले ही यह स्पष्ट कर दिया गया है कि लेबनान मोर्चा इससे अलग रहेगा। इज़राइल अपने अभियान को ‘बफर जोन’ बनाने के लिए बढ़ा रहा है, ताकि हिजबुल्लाह को कमजोर किया जा सके।

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    अमेरिका का समर्थन और वार्ता

    इजरायल ने कहा कि अमेरिका ने आश्वासन दिया है कि आगामी वार्ता में अमेरिका, इजरायल और उनके क्षेत्रीय सहयोगी साझा किए गए लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इजरायल ने युद्धविराम का समर्थन किया है, लेकिन यह शर्त है कि ईरान तुरंत होर्मुज स्ट्रेट खोले और अमेरिका, इज़राइल और क्षेत्रीय देशों पर हमले बंद करे।

    लेबनान को शामिल करने पर विवाद

    वरिष्ठ इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि लेबनान भी शांति वार्ता में शामिल हो सकता है। लेकिन पीएम कार्यालय की ओर से आए विरोधाभासी बयान ने भ्रम पैदा कर दिया। इस पर पाकिस्तान और ईरान दोनों ने पहले ही स्पष्ट किया था कि किसी भी युद्धविराम योजना में लेबनान को शामिल करना जरूरी है।

    ईरान की सख्त प्रतिक्रिया

    ईरान ने साफ कहा है कि वह किसी भी अस्थायी शांति को तब तक स्वीकार नहीं करेगा जब तक लेबनान मोर्चा इसमें शामिल न हो। यह स्थिति दर्शाती है कि युद्धविराम की शर्तें लागू होने से पहले ही कमजोर पड़ रही हैं।

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    परमाणु और मिसाइल खतरे पर इजरायल की चेतावनी

    इजरायल ने कहा कि वह अमेरिका के प्रयास का समर्थन करता है ताकि ईरान भविष्य में परमाणु, मिसाइल और आतंकवाद के खतरे न बने। जबकि ईरान के पास फिलहाल परमाणु हथियार नहीं हैं, इज़राइल इसे संभावित खतरे के रूप में देखता है।

    युद्धविराम की सीमाएं

    इस सीजफायर के तहत केवल ईरान पर हमला रोकने का फैसला किया गया है। इजरायल ने स्पष्ट किया कि लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही इजरायल ने कहा कि वह अमेरिका के प्रयास का समर्थन करता है ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे और ईरान किसी भी खतरे का स्रोत न बने।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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