होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा कूटनीतिक बदलाव !अमेरिका और ईरान के बीच डील का दावा, नाकेबंदी हटाने की तैयारी

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव में अब राहत के संकेत मिलते नजर आ रहे हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच एक शुरुआती समझौते (MoU) का मसौदा तैयार किया गया है, जिसके तहत अमेरिका ईरान के आसपास की नौसैनिक नाकेबंदी हटाने को तैयार हो सकता है। बदले में ईरान भी दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से सामान्य व्यापारिक आवाजाही के लिए खोल सकता है। हालांकि अभी यह सिर्फ एक प्रारंभिक मसौदा बताया जा रहा है और किसी भी स्तर पर अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी सैन्य बल हटेंगे, नाकेबंदी खत्म होगी
ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक इस प्रस्तावित समझौते में यह बात शामिल है कि अमेरिका अपने सैन्य बलों को ईरान के आसपास के क्षेत्रों से धीरे-धीरे हटाएगा। इसके साथ ही समुद्री नाकेबंदी को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मसौदा अभी शुरुआती स्तर पर है और इसे औपचारिक रूप से स्वीकार या लागू नहीं किया गया है। इसमें कुछ ऐसे बिंदु भी हैं जिन पर अभी पूरी सहमति नहीं बन पाई है। ईरान ने यह भी कहा है कि कोई भी फैसला आगे बढ़ाने से पहले उसकी सही तरीके से जांच और पुष्टि की जाएगी।
होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर ईरान का प्रस्ताव
इस संभावित समझौते के तहत ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से सामान्य व्यापारिक स्तर पर खोलने का वादा किया है। यह रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और ईंधन परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि एक महीने के भीतर इस स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर पर बहाल कर दी जाएगी। यह भी बताया गया है कि ईरान ओमान के साथ मिलकर इस समुद्री मार्ग की निगरानी और प्रबंधन पर काम कर सकता है, हालांकि इस मुद्दे पर अभी पूरी सहमति नहीं बनी है।
दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम रास्ता
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और ईंधन की सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरती है। ऐसे में अगर यहां किसी भी तरह का तनाव या नाकेबंदी होती है, तो उसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और कीमतों पर पड़ता है।
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ईरान के सरकारी टीवी का दावा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
ईरान के सरकारी टीवी ने दावा किया है कि उसे अमेरिका के साथ इस शुरुआती समझौते की रूपरेखा मिली है। इसमें दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और समुद्री गतिविधियों को सामान्य करने की बात कही गई है। हालांकि अब तक अमेरिका की ओर से इस मसौदे या किसी भी तरह की सहमति पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव में कुछ ऐसे मुद्दे भी शामिल हैं जिन पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। खासकर युद्धपोतों की तैनाती और समुद्री सुरक्षा प्रबंधन को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।












