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खामेनेई को आखिरी सलाम...बिलख-बिलख कर रोए गालिबाफ-अराघची, कैमरे में कैद हुआ भावुक मंजर

खामेनेई की अंतिम विदाई के दौरान ईरान की राजधानी तेहरान से भावुक तस्वीरें सामने आई हैं। श्रद्धांजलि सभा में संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की आंखें नम नजर आईं।
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बिलख-बिलख कर रोए गालिबाफ-अराघची, कैमरे में कैद हुआ भावुक मंजर
तेहरान में आयोजित ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की श्रद्धांजलि सभा

तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को हजारों लोगों की मौजूदगी में अंतिम विदाई शुरू हो गई है। राजधानी तेहरान के ग्रैंड मोसाल्ला धार्मिक परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा का माहौल बेहद भावुक रहा। देश के बड़े नेता, सैन्य अधिकारी, धार्मिक प्रमुख और आम नागरिक बड़ी संख्या में वहां पहुंचे। पूरे परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और हर तरफ मातम का माहौल दिखाई दिया।

श्रद्धांजलि सभा के दौरान ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। प्रार्थना के दौरान उनकी आंखों से आंसू निकल आए। उनके साथ ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। सभी नेताओं ने हाथ जोड़कर खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि दी।

विदाई समारोह में भावुक हुए देश के बड़े नेता

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने खामेनेई को याद करते हुए उनके लिए दुआ की। विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भी काफी भावुक नजर आए। सभा में मौजूद कई लोगों की आंखें नम थीं। माना जा रहा है कि यह ईरान के इतिहास के सबसे बड़े अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में से एक होगा। देशभर से लोग अपने सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई देने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं।

राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा था खामेनेई का ताबूत

अयातुल्ला अली खामेनेई का ताबूत ईरान के राष्ट्रीय ध्वज यानी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के रंगों में लिपटा हुआ था। जैसे ही ताबूत को ग्रैंड मोसाल्ला परिसर में लाया गया, वहां मौजूद लोगों ने धार्मिक नारे लगाए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

लोगों ने फूल अर्पित किए, दुआ मांगी और खामोशी के साथ अपने नेता को अंतिम सलाम किया। सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके में भारी पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।

करीब 36 साल तक रहे ईरान के सर्वोच्च नेता

अयातुल्ला अली खामेनेई ने लगभग 36 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में देश का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने देश की राजनीति, विदेश नीति और रक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभाई। ईरान में सर्वोच्च नेता का पद सबसे शक्तिशाली माना जाता है। सेना, न्यायपालिका और कई महत्वपूर्ण संस्थाओं पर अंतिम निर्णय का अधिकार भी इसी पद के पास होता है। 

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यह भी पढ़ें: 7 दिन चलेगा खामेनेई का अंतिम संस्कार : 100 से ज्यादा देशों के नेता शामिल, तेहरान से मशहद तक निकलेगी अंतिम यात्रा

गालिबाफ ने लोगों से की बड़ी अपील

श्रद्धांजलि सभा के दौरान संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने देशवासियों से अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों की भारी मौजूदगी दुनिया को यह संदेश देगी कि ईरान अपने सर्वोच्च नेता को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश की आवाज पूरी दुनिया तक पहुंचनी चाहिए।

6 दिन तक चलेंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम

सरकार ने अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए छह दिन का कार्यक्रम तय किया है। इन छह दिनों में देश के अलग-अलग शहरों में श्रद्धांजलि सभाएं और अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। अनुमान है कि इन कार्यक्रमों में करीब 1.5 करोड़ से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए पूरे देश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

खासतौर पर राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस, सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।

कैसे हुई थी अली खामेनेई की मौत?

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। बताया गया कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के दौरान तेहरान में हुए हमलों में उनकी जान चली गई। इन हमलों में उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी मारे गए थे। इस घटना के बाद पूरे मध्य पूर्व यानी मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया था। हमलों के बाद कई देशों के बीच सैन्य टकराव देखने को मिला और क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई थी। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई थी।

तेहरान से शुरू होगी अंतिम यात्रा

सरकारी कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को राजधानी तेहरान की सड़कों पर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। अंतिम यात्रा के रास्ते में जगह-जगह लोग अपने नेता को श्रद्धांजलि देंगे। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

कोम में भी निकलेगा श्रद्धांजलि जुलूस

तेहरान के बाद खामेनेई के सम्मान में पवित्र शहर कोम में भी श्रद्धांजलि जुलूस निकाला जाएगा। कोम, तेहरान से करीब 140 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और इसे शिया मुस्लिम समुदाय का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और शैक्षणिक केंद्र माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में धार्मिक विद्वान और छात्र रहते हैं। इसलिए खामेनेई की अंतिम यात्रा का यह पड़ाव भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मशहद में होगा अंतिम संस्कार

9 जुलाई को अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर मशहद ले जाया जाएगा। मशहद उनका जन्मस्थान भी माना जाता है। यहीं स्थित प्रसिद्ध इमाम रजा दरगाह में उन्हें पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ दफनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में धार्मिक नेता, सरकारी प्रतिनिधि और आम लोग शामिल हो सकते हैं।

इराक के पवित्र शहरों में भी होगी श्रद्धांजलि

ईरान के अलावा पड़ोसी देश इराक में भी अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इराक के ऐतिहासिक और पवित्र शहर नजफ और कर्बला में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग शामिल होंगे और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

पूरी दुनिया की नजर ईरान पर

अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। एक तरफ करोड़ों लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मध्य पूर्व की सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और क्षेत्र में पहले से बने तनाव को देखते हुए ईरान सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी है। आने वाले दिनों में तेहरान, कोम और मशहद में होने वाले कार्यक्रम पूरी दुनिया के लिए अहम घटनाएं माने जा रहे हैं।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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