नेशनल डेस्क। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी से जुड़े पासपोर्ट विवाद को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 'खेड़ा यदि पाताल में भी छिपकर बैठे होंगे तो असम पुलिस वहां से भी उन्हें निकालकर ले आएगी।' सरमा ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को लेकर फैलाए जा रहे दावे झूठे हैं और इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य है। इससे पहले भी उन्होंने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि 'वे पवन खेड़ा को पेड़ा बना देंगे।' इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे विवाद की कड़ी आगे तक जा सकती है। उन्होंने कहा, 'आरोप लगाने से पहले उन्हें विदेश मंत्री से पूछ लेना चाहिए था। खड़गे जी उम्रदराज हो गए हैं, फिर भी पागलों जैसी बातें करते हैं। असम पुलिस ‘पाताल’ से भी लोगों को ढूंढकर ला सकती है। मुझे शक है कि राहुल गांधी ने उन्हें ये दस्तावेज दिए हैं। इसलिए यह मामला राहुल गांधी तक भी जाएगा। हमें डराने की कोशिश मत करो। यह असम है, और हमने इस्लामी आक्रमणों के खिलाफ 17 बार लड़ाई लड़ी है।' सरमा ने संकेत दिया कि मामले में तथ्यों की जांच कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
विवाद के बीच असम पुलिस की एक टीम मंगलवार सुबह दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर पूछताछ के लिए पहुंची। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के संदर्भ में की गई। पुलिस ने औपचारिक रूप से दिल्ली पुलिस को सूचना देकर प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद स्थानीय पुलिस भी जांच में शामिल रही। हालांकि, जानकारी के अनुसार उस समय पवन खेड़ा अपने निवास पर नहीं मिले और बताया गया कि वे हैदराबाद गए हुए हैं।
यह पूरा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी के कथित कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियों को लेकर सवाल उठाए। सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूह से ली गई 'झूठी जानकारी’ के आधार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इन दावों को चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश और दंडनीय अपराध बताया। वहीं कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग में शिकायत कर हिमंता सरमा की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि चुनावी हलफनामे में कथित विदेशी संपत्तियों का उल्लेख नहीं किया गया, जबकि सरमा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।