जॉर्ज सोरोस को सर्वोच्च नागरिक सम्मान देगा अमेरिका, इसे लेकर भारत में हुआ हंगामा, प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ दिए थे विवादित बयान!

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन आज व्हाइट हाउस में 19 व्यक्तियों को प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम, जो अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, प्रदान करेंगे। इस लिस्ट में विवादों में रहने वाले बिजनेसमैन जॉर्ज सोरोस का नाम भी शामिल हैं। जिन लोगों को पुरस्कार मिला है वे राजनीति, खेल, एंटरटेनमेंट, ह्यूमन राइट्स, LGBTQ+, विज्ञान जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। जॉर्ज सोरोस को उनके वैश्विक संगठनों के समर्थन के लिए सराहा गया है, जो लोकतंत्र, मानवाधिकार, शिक्षा, और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देते हैं। हालांकि, सोरोस पर भारत में सरकार को अस्थिर करने के लिए विपक्ष के साथ साजिश रचने के आरोप भी लग चुके हैं।
2016 में भारत सरकार ने लगाई थी सोरोस की संस्था पर रोक
जॉर्ज सोरोस को दुनिया के कई देशों की राजनीति और समाज को प्रभावित करने का एजेंडा चलाने का आरोप है। उनकी संस्था ‘ओपन सोसाइटी फाउंडेशन’ ने 1999 में भारत में एंट्री ली और 2014 से देश में स्वास्थ्य, न्याय व्यवस्था, और विकलांग व्यक्तियों की सहायता के लिए फंडिंग शुरू की। हालांकि, 2016 में भारत सरकार ने इस संस्था की फंडिंग पर रोक लगा दी।भारत लोकतांत्रिक है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी नहीं- जॉर्ज सोरोस
अगस्त 2023 में जॉर्ज का म्यूनिख सिक्योरिटी काउंसिल में दिया बयान बेहद चर्चा में रहा। जब उन्होंने कहा था कि भारत लोकतांत्रिक देश है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी लोकतांत्रिक नहीं हैं। जॉर्ज सोरोस ने भारत के नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी। उन्होंने इन फैसलों को भारत के हिंदू राष्ट्र बनने की दिशा में बढ़ने का संकेत बताया। दोनों ही मुद्दों पर उनके बयान तीखे और विवादास्पद रहे, जिससे भारतीय राजनीति और समाज में चर्चा तेज हो गई।












