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इंदौर। तेजाजी नगर क्षेत्र में बुधवार–गुरुवार की दरमियानी रात तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक बार फिर सड़क को हादसे का मैदान बना दिया। राजस्थान से लौट रही यात्रियों से भरी बोलेरो ब्रिज के पास अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि वाहन में सवार यात्री उछलकर एक-दूसरे पर गिर पड़े। हादसे में 11 लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को तत्काल एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोग दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे। किसी ने पुलिस को सूचना दी तो किसी ने एंबुलेंस बुलाकर घायलों को बाहर निकालने में मदद की। कुछ ही देर में तेजाजी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस के अनुसार बोलेरो राजस्थान से इंदौर की ओर तेज गति से आ रही थी। इसी दौरान ब्रिज के पास अचानक एक बाइक सवार सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक का संतुलन बिगड़ गया और बोलेरो सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी।
हादसे में तेजसिंह पिता थारवा निवासी ग्राम मुन्ना डोगर, जिला बांसवाड़ा, धर्मेंद्र पिता वालसिंह, सबूर पिता जितरा, मनसुख पिता हार्डिया, मानसिंह पिता जितरा, लालू, पीटू पिता मांगीलाल, कालू सिंह डोगर और सादिया सहित अन्य लोग घायल हुए हैं। सभी को एंबुलेंस से एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। डॉक्टरों के मुताबिक कालू सिंह और सादिया की हालत चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।
घायल मानसिंह ने बताया कि सभी लोग राजस्थान के निवासी हैं और खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं। वे किसी काम से इंदौर आए थे और रात में लौट रहे थे। रास्ते में एक ढाबे पर रुककर भोजन किया और फिर सफर शुरू किया। लंबा सफर होने के कारण अधिकांश यात्री नींद में थे। अचानक जोरदार झटका लगा और बोलेरो डिवाइडर से जा टकराई। इसके बाद गाड़ी के अंदर अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग खुद बाहर निकल आए, जबकि कुछ को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।
शहर में लगातार हो रहे सड़क हादसे अब चिंता नहीं, बल्कि चेतावनी बन चुके हैं। तेजाजी नगर से पहले रालामंडल क्षेत्र में कार-ट्रक की टक्कर में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो चुकी है। इसके बावजूद तेज रफ्तार पर नकेल कसने और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने में सिस्टम नाकाम नजर आ रहा है।