“जीजा” को भेजे जाते थे वीडियो! हनीट्रैप गैंग विदेश में पढ़ी रेशु कैसे पहुंची हनीट्रैप गैंग तक?

इंदौर के चर्चित हनीट्रैप-2026 मामले में अब जांच और भी गहरी होती जा रही है। क्राइम ब्रांच द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने गुरुवार को इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक विनोद शर्मा पर हनीट्रैप नेटवर्क की साजिश में शामिल होने और आरोपियों को सलाह देने के आरोप हैं। सूत्रों के अनुसार आरोपी महिलाएं उसे “जीजा” कहकर संबोधित करती थीं और कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो व फोटो भेजकर आगे की रणनीति पर सलाह लेती थीं। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच करवा रही है।
हनीट्रैप नेटवर्क की जांच करेगी SIT
क्राइम ब्रांच इंदौर ने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी के अनुसार पुलिस ने अब तक पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। साइबर और फोरेंसिक एक्सपर्ट डेटा खंगाल रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नेटवर्क किन-किन लोगों तक पहुंचा था। पुलिस रेशु चौधरी से जुड़े जमीन खरीदी-बिक्री के एक अहम अनुबंध को भी जब्त करने की कोशिश कर रही है।
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विदेश में पढ़ी रेशु, नेताओं से बढ़ाई नजदीकियां
जांच में सामने आया है कि मकरोनिया (सागर) निवासी रेशु चौधरी विदेश में पढ़ाई कर चुकी है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान दिल्ली में बड़े नेताओं के संपर्क में आई थी। बताया जा रहा है कि उसने राजनीतिक संपर्कों का फायदा उठाकर प्रदेश के कई नेताओं और प्रभावशाली लोगों से नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में प्रॉपर्टी कारोबार में सक्रिय हो गई।
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अलका-श्वेता-रेशु… तीन साल में खड़ा हुआ नेटवर्क
पुलिस के अनुसार इस पूरे गिरोह की कथित मास्टरमाइंड अलका दीक्षित है। श्वेता विजय जैन के संपर्क में आने के बाद यह नेटवर्क तेजी से बढ़ा।
जांच में सामने आया है कि:
- अलका दीक्षित शराब तस्करी छोड़कर प्रॉपर्टी कारोबार में उतर गई थी।
- लाखन चौधरी कारोबारी और नेताओं से संपर्क साधने का काम करता था।
- श्वेता विजय जैन पर्दे के पीछे रहकर फोन से नेटवर्क ऑपरेट करती थी।
- रेशु चौधरी हाईप्रोफाइल पार्टियों और राजनीतिक आयोजनों में शामिल होकर संपर्क बढ़ाती थी।
- जयदीप दीक्षित को गैंग के सदस्यों की मदद और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी दी गई थी।
UPSC-MPPSC प्रोफाइल से बनाई पहचान
रेशु सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को कभी UPSC प्री परीक्षा क्वालिफाइड, तो कभी MPPSC प्री-2016 पास बताती थी। कुछ प्रोफाइल में उसने रेवेन्यू सर्विस में चयनित होने तक का दावा किया था। वर्ष 2016 में उसने “ब्रह्मपुत्र IAS अकादमी” नाम से कोचिंग संस्थान भी शुरू किया था, जो कुछ समय बाद बंद हो गया।
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राजनीति में बड़ी एंट्री की तैयारी
सूत्रों के अनुसार भोपाल के एक बड़े भाजपा नेता के संपर्क में आने के बाद रेशु ने नरयावली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी। उसने क्षेत्र में बड़े-बड़े होर्डिंग लगवाकर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई थी। हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रदीप लारिया को प्रत्याशी बना दिया और रेशु की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं अधूरी रह गईं।












