इंदौर — शहर को झकझोर देने वाले भीषण अग्निकांड के बाद संवेदनाओं और सवालों का दौर जारी है। इसी बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने साफ कहा — “दुख की इस घड़ी में हम आपके साथ हैं, सरकार हर संभव मदद करेगी।”
सीएम ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और हादसे की पूरी जानकारी ली। इससे पहले ही वे इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दे चुके थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आग के असली कारणों का पता लगाने के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों को बुलाया जा रहा है। साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) डीलरों से भी चर्चा कर तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह दर्दनाक हादसा बुधवार अल सुबह तिलक नगर थाना क्षेत्र के बृजेश्वरी (एनएक्स) सुख शांति नगर में हुआ था, जहां रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर में अचानक भीषण आग लग गई। चंद मिनटों में आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक, रात में घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया गया था। आशंका है कि सुबह शॉर्ट सर्किट हुआ और एक छोटी सी चिंगारी ने विकराल आग का रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखे एलपीजी सिलेंडर भी इसकी चपेट में आ गए और एक के बाद एक धमाकों से हालात और भयावह हो गए।
इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि मरने वालों में से 6 लोग पुगलिया परिवार के मेहमान थे, जो बिहार से इंदौर इलाज कराने आए थे। जिन्हें उम्मीद थी जिंदगी की, उन्हें मौत ने अचानक अपनी गिरफ्त में ले लिया।
हादसे के वक्त आसपास के लोग जान बचाने की कोशिश में जुट गए। बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि कोई भी उसके सामने टिक नहीं पाया। जैसे ही सिलेंडरों में धमाके शुरू हुए, लोगों को मजबूरी में पीछे हटना पड़ा।