बंगाल में सत्ता का नया अध्याय :EC ने जारी की अधिसूचना, नई सरकार का रास्ता साफ; ममता ने CM पद से इस्तीफा देने से किया था इनकार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद अब राज्य की राजनीति निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। चुनाव आयोग (EC) ने नई विधानसभा के गठन के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से समाप्त हो गई है और नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच सियासी घमासान भी तेज हो गया है, क्योंकि निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हार के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।
चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना
चुनाव आयोग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में नई विधानसभा के गठन के लिए अधिसूचना जारी कर दी और इसे राज्यपाल को भेज दिया है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया है, जो चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पूरी की जाती है। अधिकारी ने बताया कि, इस अधिसूचना के जारी होते ही चुनाव आयोग की ओर से विधानसभा गठन की प्रक्रिया पूरी मानी जाती है। अब इसके बाद सरकार गठन के लिए आवश्यक संवैधानिक कदम उठाए जा सकते हैं।
क्या है इस अधिसूचना का महत्व?
इस नोटिफिकेशन का सीधा मतलब है कि अब राज्य में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो सकती है। निर्वाचित विधायक शपथ ले सकेंगे और नई कैबिनेट के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया मतदान से लेकर मतगणना तक पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई गई है।
BJP को प्रचंड बहुमत, TMC को झटका
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 294 में से 207 सीटें जीत लीं। यह दो-तिहाई से भी ज्यादा बहुमत है। वहीं, करीब 15 साल से सत्ता में रही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। इस नतीजे ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है और अब बीजेपी सरकार बनाने की स्थिति में आ गई है।
ममता बनर्जी बोलीं- मैं इस्तीफा क्यों दूं?
चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि, चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली और वोटों की लूट हुई है। ममता ने कहा कि, मैं अभी इस्तीफा क्यों दूं? हम वास्तव में हारे नहीं हैं। यह जनादेश नहीं बल्कि साजिश है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।
कानूनी स्थिति क्या कहती है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नई सरकार के शपथ लेने के बाद मौजूदा मुख्यमंत्री का कार्यकाल अपने आप समाप्त हो जाएगा। एक राज्य में एक समय पर दो मुख्यमंत्री नहीं हो सकते। इसलिए चाहे इस्तीफा दिया जाए या नहीं, नई सरकार के गठन के साथ ही सत्ता परिवर्तन हो जाएगा।
कब होगा शपथ ग्रहण?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को हो सकता है। यह तारीख इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसी दिन महान साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है। बीजेपी नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि शपथ ग्रहण इसी दिन आयोजित किया जा सकता है। इससे पहले 8 मई को बीजेपी विधायक दल की बैठक होने की संभावना है, जिसमें नेता का चयन किया जाएगा।
अन्य राज्यों में भी प्रक्रिया शुरू
पश्चिम बंगाल के साथ-साथ असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी नई विधानसभा के गठन के लिए चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। इन सभी राज्यों में विधानसभा का कार्यकाल अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है-
तमिलनाडु: 10 मई
असम: 20 मई
केरल: 23 मई
पुडुचेरी: 15 जून
इन अधिसूचनाओं के बाद इन राज्यों में भी नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
चुनाव परिणाम और अधिसूचना के बाद बंगाल में सियासी माहौल गरम है। एक ओर बीजेपी जीत का जश्न मना रही है, तो वहीं ममता बनर्जी चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। ममता ने संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर आंदोलन भी कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और भी दिलचस्प और टकरावपूर्ण हो सकती है।











