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इंदौर अग्निकांड: प्रत्यक्षदर्शियों के खुलासे—पत्थर फेंके, फोन किए… फिर भी नहीं जागा परिवार

इंदौर अग्निकांड: प्रत्यक्षदर्शियों के खुलासे—पत्थर फेंके, फोन किए… फिर भी नहीं जागा परिवार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र स्थित बृजेश्वरी एनएक्स में 18 मार्च को हुए भीषण अग्निकांड को लेकर अब प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सामने आने लगे हैं, जो इस दर्दनाक हादसे की भयावहता को और गहरा कर रहे हैं। चश्मदीदों का कहना है कि घटना की रात उन्होंने पुगलिया परिवार को जगाने के लिए हरसंभव प्रयास किए ,घर पर पत्थर तक फेंके गए, मोबाइल फोन पर लगातार कॉल किए गए। लेकिन अंदर से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिली।

    लपटें तेजी से ऊपर की ओर बढ़ती नजर आई-

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत घर के बाहर खड़ी कार से होती दिखाई दी थी और कुछ ही देर में लपटें तेजी से ऊपर की ओर बढ़ती नजर आईं। बुधवार तड़के हुए इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया, जिसमें आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

    नीचे खड़ी कार के पास से उठती आग की लपटों को देखा-

    पुलिस अब तक करीब एक दर्जन प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें पड़ोसी और घटना के समय इलाके से गुजर रहे लोग शामिल हैं। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने नीचे खड़ी कार के पास से उठती आग की लपटों को देखा, जो धीरे-धीरे पूरे मकान को अपनी चपेट में लेती चली गईं। चश्मदीदों का कहना है कि परिवार को बचाने की हर कोशिश की गई, लेकिन कोई भी अंदर से बाहर नहीं निकल सका। जांच में एक और अहम पहलू सामने आया है। इलाके में सीसीटीवी कैमरों की भारी कमी। जिस गली में यह हादसा हुआ, वहां मनोज पुगलिया के घर के अलावा किसी अन्य मकान में सीसीटीवी नहीं लगे थे। वहीं, पुगलिया परिवार के घर में लगे कैमरों की हार्ड डिस्क भी आग में पूरी तरह नष्ट हो गई, जिससे घटना के अहम सबूत खत्म हो गए।

    कुछ समय पहले लगाई थी जांलिया 

    इसी बीच, घर में लगी लोहे की जालियां भी चर्चा का विषय बन गई हैं। पड़ोसियों के मुताबिक, कुछ महीनों पहले ही चोरी की घटनाओं को देखते हुए खिड़कियों और गैलरी में ये जालियां लगवाई गई थीं, जिससे पूरा घर चारों ओर से सुरक्षित हो गया था। लेकिन अब यही सुरक्षा इंतजाम हादसे के दौरान घातक साबित हुए या नहीं। यह जांच का विषय बना हुआ है।

    फिलहाल पुलिस, बिजली विभाग और अन्य तकनीकी टीमें हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। शुरुआती संकेतों के मुताबिक आग की शुरुआत कार से होने की बात सामने आ रही है, लेकिन हादसे के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आना अभी बाकी है।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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