Naresh Bhagoria
20 Jan 2026
इंदौर के रामबाग मुक्तिधाम में एक बुर्जुग के अंतिम संस्कार के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि मुक्तिधाम में किसी ने शव के साथ तांत्रिक क्रिया की है। वहीं श्मशानघाट में काम करने वालों ने इससे इंकार कर दिया है, उनका मानना है मुक्तिधाम का गेट बंद था।
दरअसल, इंदौर के यशवंत रोड निवासी जैन समाज के एक बुजुर्ग का कल ब्रेन हेमरेज की वजह से देहांत हो गया था, जिसके बाद परिजानों ने उनका अंतिम संस्कार रामबाग मुक्तिधाम में किया था। जब परिजन आज सुबह अस्थि को लेने मुक्तिधाम पहुंचे, तब उन्होंने शवदाह स्थल के पास तांत्रिक क्रिया करने की आशंका जताई है।
मृतक के परिजनों का आरोप है की जब वे लोग अंतिम संस्कार करने के बाद जब अगली सुबह अस्थि लेने पहुंचे तो उन्हें श्मशानघाट में जहां शव को जलाया था उस जगह पर अंडे, निंबू, कुंकु-चावल आदि बिखरे मिले है। वहीं, मृतक के दामाद सनी जैन ने बताया कि शव के पास जरूर कोई तांत्रिक क्रिया हुई है। कयोंकि मृतक के पुत्र अंतिम संस्कार के बाद से बेहोश हो रहे है और उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अस्थि संचय के दौरान हमें अस्थियां भी कम मिल रही हैं।
मृतक के परिजानों के आरोप लगाने के बाद मुक्तिधाम के कार्मचारियों ने सफाई देते हुए कहा है कि तांत्रिक क्रिया नहीं हो सकती, कयोंकि उन्होंने रात 12 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिया था। जिसके बाद कोई कैसे अंदर आ सकता है। उन्होंने कहा कि तांत्रिक क्रिया हुई होगी, ऐसा संभव ही नहीं है।
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