U-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप : भारतीय पहलवान विश्वजीत मोरे ने जीता ब्रॉन्ज, 55 किलो ग्रिको-रोमन में कजाकिस्तान को हराया

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U-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप : भारतीय पहलवान विश्वजीत मोरे ने जीता ब्रॉन्ज, 55 किलो ग्रिको-रोमन में कजाकिस्तान को हराया
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय पहलवान विश्वजीत मोरे ने सर्बिया के नोवी सैड शहर में चल रही अंडर-23 सीनियर वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में देश का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने 55 किलोग्राम ग्रेको-रोमन वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को इस प्रतियोगिता का पहला मेडल दिलाया।

    कजाकिस्तान के खिलाड़ी पर रोमांचक जीत

    ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में विश्वजीत मोरे ने कजाकिस्तान के पहलवान येरासिल एममायर्बेकोव को 5-4 से मात दी। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने अंतिम मिनट तक जीत के लिए पूरा दमखम लगाया। अंत में विश्वजीत ने अपने आक्रामक खेल और मजबूत डिफेंस की बदौलत जीत दर्ज की।

    रिपेचेज राउंड में मिला वापसी का मौका

    क्वार्टर फाइनल में विश्वजीत को हार का सामना करना पड़ा था, जब वे UWW पहलवान अलीबेक से भिड़े थे। लेकिन अलीबेक के फाइनल में पहुंचने के बाद मोरे को रिपेचेज राउंड के जरिए वापसी का मौका मिला। उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए जॉर्जिया के जियोर्जी कोचालिड्जे को हराकर कांस्य पदक के लिए क्वालीफाई किया।

    पूरे टूर्नामेंट के दौरान विश्वजीत मोरे ने अपने खेल में तकनीकी निपुणता और शारीरिक मजबूती का बेहतरीन प्रदर्शन किया। शुरुआत में उन्होंने रोमानिया के पहलवान को हराया, इसके बाद अमेरिका के खिलाड़ी को टेक्निकल सुपीरियॉरिटी से मात देकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। उनके खेल में आक्रामकता के साथ संयम और रणनीतिक सोच की झलक स्पष्ट रूप से दिखी।

    लगातार दूसरा U-23 वर्ल्ड मेडल

    यह उपलब्धि विश्वजीत मोरे के करियर में एक और मील का पत्थर है। यह उनका लगातार दूसरा यू-23 वर्ल्ड पदक है, जिसने उन्हें भारत के उभरते ग्रेको-रोमन पहलवानों में शीर्ष स्थान पर ला खड़ा किया है। यह जीत दर्शाती है कि, भारतीय कुश्ती अब विश्व स्तर पर मजबूती से अपनी जगह बना रही है।

    अल्बानिया में गूंजा भारत का नाम

    इस बार की यू-23 ग्रेको-रोमन वर्ल्ड चैंपियनशिप अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित हुई। यहां विश्वजीत ने विदेशी धरती पर दबाव भरे माहौल में बेहतरीन आत्मविश्वास दिखाया। उन्होंने बता दिया कि, भारतीय पहलवान किसी भी परिस्थिति में जीत हासिल करने की क्षमता रखते हैं।

    गांव और परिवार में जश्न का माहौल

    विश्वजीत मोरे की इस सफलता से उनके गांव और परिवार में खुशी का माहौल है। महाराष्ट्र के इस युवा पहलवान ने साबित किया है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। उनके इस पदक से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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