अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी की वरिष्ठ नेता रहीं कमला हैरिस ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने यह घोषणा एक टीवी इंटरव्यू के दौरान की, जिससे अमेरिकी राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। स्टीफन कोलबर्ट के शो ‘द लेट शो’ में बातचीत के दौरान कमला हैरिस ने स्पष्ट किया कि वह अब किसी भी राजनीतिक पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगी, जिसमें कैलिफोर्निया के गवर्नर का पद भी शामिल है।
हैरिस ने कहा, “मैंने जनता की सेवा की है, पर अब लगता है कि अमेरिका का पॉलिटिकल सिस्टम पूरी तरह टूट चुका है। मुझे नहीं लगता कि मैं अब इसमें बदलाव लाने की काबिलियत रखती हूं।”
कमला हैरिस को हाल ही में 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। चुनाव के इलेक्टोरल कॉलेज में ट्रम्प को 312 वोट मिले, जबकि हैरिस को 226। इस चुनावी हार के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में अटकलें थीं कि हैरिस आगे क्या करेंगी। क्या फिर से चुनाव लड़ेंगी या किसी राज्य स्तर की भूमिका स्वीकारेंगी?
कमला हैरिस ने अपने इंटरव्यू में स्वीकार किया कि उन्होंने लंबे समय तक कैलिफोर्निया का गवर्नर बनने के बारे में गंभीरता से विचार किया था। उन्होंने कहा, “मुझे अपने राज्य कैलिफोर्निया से बहुत प्यार है। वहां की जनता ने मुझे हमेशा समर्थन दिया है, लेकिन अब मुझे लगता है कि मेरी आवाज उस सिस्टम में बदलाव नहीं ला सकती जो भीतर से जर्जर हो चुका है।”
कमला हैरिस ने इस इंटरव्यू में अपनी आगामी किताब ‘107 डेज’ की भी चर्चा की, जो 23 सितंबर को प्रकाशित होने वाली है। यह किताब उनके 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार की 107 दिनों की यात्रा और अनुभवों पर आधारित है। जब उनसे पूछा गया कि इन 107 दिनों में उन्हें सबसे ज्यादा क्या चीज हैरान करती थी, हैरिस ने कहा, “हर रात मैं प्रार्थना करती थी कि आज मैंने अपने पूरे सामर्थ्य के साथ काम किया हो। मुझे उम्मीद थी कि मेरा प्रयास फर्क लाएगा, लेकिन सच्चाई यह है कि कई बार सिस्टम ही आपको रोक देता है।”
टीवी होस्ट कोलबर्ट ने जब कहा कि “आप जैसी काबिल और प्रभावशाली महिला का यह कहना कि सिस्टम टूट चुका है, बेहद चिंताजनक है,” तो हैरिस ने जवाब दिया कि वे अब देश भर में लोगों से संवाद करेंगी, लेकिन यह संवाद वोट मांगने के लिए नहीं, बल्कि केवल उनके अनुभवों को सुनने और समझने के लिए होगा।
हैरिस ने कहा, “मैं एक राजनीतिक व्यक्ति के तौर पर नहीं, बल्कि एक नागरिक के रूप में अमेरिका के लोगों से जुड़ना चाहती हूं। मेरे लिए अब राजनीति से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है लोकतांत्रिक मूल्यों की वास्तविक रक्षा।”