India Weather Forecast। अप्रैल का महीना आमतौर पर गर्मी की शुरुआत के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार उत्तर भारत में मौसम ने सभी को चौंका दिया है। लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी भारत में बने काल बैसाखी सिस्टम के कारण बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं का दौर जारी है। हालात ऐसे हैं कि, कई राज्यों में तापमान सामान्य से 7 से 11 डिग्री तक नीचे चला गया है और लोगों को फरवरी जैसी ठंड का एहसास हो रहा है।
इस असामान्य मौसम के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं।
पहला- उत्तर-पश्चिम भारत में एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ, जिनकी वजह से लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है।
दूसरा- पूर्वी भारत में काल बैसाखी सिस्टम का सक्रिय होना, जो तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि लाता है।
तीसरा- झारखंड और आसपास के इलाकों में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन, जो मौसम को और अधिक अस्थिर बना रहा है।
काल बैसाखी एक प्री-मानसून तूफानी प्रणाली है, जो अप्रैल और मई के महीनों में सक्रिय होती है। इसके प्रभाव से अचानक तेज हवाएं चलती हैं, जिनकी गति 50 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इसके साथ ही तेज बारिश, बिजली गिरना और ओलावृष्टि भी होती है। यह सिस्टम कम समय के लिए आता है लेकिन काफी तेज असर छोड़ता है, खासकर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में।
मौसम विभाग ने 9 अप्रैल के लिए देश के 17 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से असम और मेघालय में सबसे ज्यादा खराब मौसम रहने की आशंका जताई गई है, जहां तेज बारिश, आंधी और ओले गिर सकते हैं।
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मौसम गतिविधि |
प्रभावित राज्य |
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आंधी-तूफान |
उत्तर भारत और पूर्वोत्तर |
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भारी बारिश |
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश |
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ओलावृष्टि |
असम, मेघालय |
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गर्मी/उमस |
दक्षिण भारत |
9 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।
10 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है, जबकि हिमाचल और उत्तराखंड में कहीं-कहीं हल्की बारिश होगी। पूर्वी भारत में तेज हवाओं का असर बना रहेगा, लेकिन धीरे-धीरे मौसम साफ होने लगेगा।
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राजस्थान में पिछले करीब 20 दिनों से मौसम बदला हुआ है। लगातार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में करीब 7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अप्रैल में भी ठंडक का एहसास बना हुआ है। हालांकि अब यह दौर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और अगले चार से पांच दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है। दिन में तेज धूप के कारण तापमान बढ़ सकता है और गर्मी धीरे-धीरे वापस लौटेगी।
मध्य प्रदेश में मौसम बदलाव के दौर में है। जहां एक तरफ कुछ जिलों में अभी भी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी है, वहीं दूसरी ओर 10 अप्रैल से गर्मी का नया दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में 5 से 6 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों को फिर से तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
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उत्तर प्रदेश में मौसम काफी अस्थिर बना हुआ है। राज्य के कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली है। मेरठ और सहारनपुर जैसे इलाकों में ओले गिरने से सड़कों और खेतों में सफेद परत नजर आई। मौसम विभाग ने 40 से ज्यादा जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
बिहार में काल बैसाखी पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिससे मौसम बेहद खतरनाक हो गया है। राज्य के 19 जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि 10 अप्रैल के बाद मौसम में सुधार होने की संभावना जताई गई है।
उत्तराखंड में लगातार बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। केदारनाथ में अप्रैल महीने में चौथी बार बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे ठंड काफी बढ़ गई है। देहरादून, पिथौरागढ़ और अन्य जिलों में भी बारिश के कारण मौसम ठंडा बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। यहां तापमान में 11 से 14 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मनाली, रोहतांग और लाहौल-स्पीति जैसे इलाकों में बर्फबारी ने जनजीवन प्रभावित किया है और कई सड़कों को बंद करना पड़ा है। हालांकि 12 अप्रैल के बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है।
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इस बदले हुए मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर फसल गिरने की भी खबरें सामने आई हैं। हालांकि बारिश से मिट्टी में नमी बनी है, जिससे कुछ फसलों को फायदा भी हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम सुहावना बना हुआ है। दिनभर बादल छाए रहते हैं और बीच-बीच में हल्की बारिश और आंधी देखने को मिल रही है। तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से कम है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और आने वाले दिनों में मौसम साफ होने के साथ तापमान में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 10 अप्रैल के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने लगेगा। इसके बाद अगले 5 से 6 दिनों में तापमान में 5 से 6 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यानी अप्रैल के मध्य तक गर्मी एक बार फिर अपने तेवर दिखाने लगेगी।