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MP Admission Policy :गलत एडमिशन दिया तो प्राचार्य पर लगेगा प्रति स्टूडेंट 5 हजार का जुर्माना  

एमपी बोर्ड ने 10वीं की परीक्षा में सात साल बाद बेस्ट ऑफ फाइव स्कीम को समाप्त कर दिया है। इसके अलावा अगर विद्यार्थियों को नियम विरुद्ध एडमिशन दिया गया तो प्राचार्य पर प्रति स्टूडेंट 5 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा।
गलत एडमिशन दिया तो प्राचार्य पर लगेगा प्रति स्टूडेंट 5 हजार का जुर्माना   
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। एमपी बोर्ड ने सात साल बाद 10वीं में बेस्ट ऑफ फाइव योजना समाप्त कर दी गई है। 9वीं में विद्यार्थी 13 साल से कम उम्र के बच्चे प्रवेश नहीं ले सकेंगे। बावजूद छात्रों के गलत प्रवेश पर संस्था प्राचार्य पर 5000 का जुर्माना लगाया जाएगा। एमपी बोर्ड ने ने वर्ष 2026-27 के लिए नवमीं से बारहवीं तक की प्रवेश नीति जारी कर दी है।

    9वीं में 30 सितंबर तक ऑनलाइन नामांकन

    एमपी बोर्ड की 10वीं-12वीं परीक्षा में हर साल 17 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल होते हैं। विद्यार्थियों के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रति वर्षानुसार शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में सत्र 2026-27 की प्रवेश नीति जारी की गई है। प्रवेश नीति के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 9वीं का ऑनलाइन नामांकन 15 मई से 30 सितंबर तक सामान्य शुल्क 500 रुपए के साथ करना होगा। 10वीं-12वीं के परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन जमा करने की तारीख 15 मई से 15 सितंबर तक 15 सौ रुपए सामान्य शुल्क के साथ रहेगी।

    10वीं और 12वीं में विषय नहीं बदल सकेंगे छात्र

    बोर्ड द्वारा 9वीं के आधार पर 10वीं में तथा 11वीं के आधार पर 12वीं में अर्थात छात्र ने 9वीं अथवा 11वीं में जो विषय भरे हैं, वहीं विषय 10वीं एवं 12वीं में भर सकेंगे। छात्रों को 10वीं और 12वीं में विषय बदलने की पात्रता नहीं होगी। 9वीं में प्रवेश एक अप्रैल की स्थिति में 13 साल से कम उम्र में नहीं दिया जाएगा।

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    हर छात्र की अपार आईडी जरूरी

    माशिमं की परीक्षाओं के आवेदन-पत्र में अपार आईडी नंबर लिखना अनिवार्य होगा। माशिमं ने प्रवेश नीति में स्पष्ट कर दिया है कि अन्य राज्य या बोर्ड के छात्र जो 9वीं-11वीं की ग्राह्यता किए बिना सीधे 10वीं-12वीं का परीक्षा फॉर्म भरने की स्थिति में छात्र को पात्रता के अभाव में संस्था प्राचार्य की सहमति के आधार पर नियमित से पात्रतानुसार स्वाध्यायी किया जाएगा। साथ ही ऐसे छात्रों के प्रति छात्र 5000 का अर्थदंड संस्था प्राचार्य को देना होगा एवं संस्था की संबंद्धता समाप्त किए जाने संबंधी कार्यवाही की जाएगी।

    विद्यार्थियों को पहले मिलेगा डमी प्रवेश-पत्र

    एमपी बोर्ड की परीक्षा के आवेदन पत्र या नामांकन फॉर्म भरने की भरने की अंतिम तारीख के 7 दिन बाद हर परीक्षार्थी का डमी प्रवेश-पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। प्राचार्य डमी प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर प्रवेश पत्र की गलती चेक करेंगे। डमी प्रवेश-पत्र में दर्ज जानकारी का सत्यापन छात्र एवं अभिभावकों से कराया जाएगा। सभी प्राचार्य आवेदनों में गलती नहीं है। इसका घोषणा-पत्र ऑनलाइन अपलोड करेंगे। घोषणा-पत्र अपलोड नहीं करने पर छात्रों के प्रवेश-पत्र डाउनलोड नहीं किए जा सकेंगे।

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    परीक्षा फीस 80 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी

    माशिमं ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सभी शुल्क में बढ़ोत्तरी की है। यह शुल्क 25 से लेकर 80 फीसदी तक बढ़ाया गया है। इसमें नियमित विद्यार्थियों को 1200 के बजाय 1500 और स्वाध्यायी को 1600 रुपए की फीस जमा करनी होगी। माशिमं ने नामांकन शुल्क भी 350 से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया है। दस वर्ष पुरानी अंकसूची की प्रतिलिपि लेने का शुल्क 600 से बढ़ाकर एक हजार रुपए किया गया है।

    सभी प्राचार्यों को दिए निर्देश

    मंडल द्वारा प्रवेश नीति जारी कर दी गई है। साथ ही सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं। अपात्र छात्रों का प्रवेश होने पर प्राचार्यों पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

    बुद्धेश वैद्य, सचिव, एमपी बोर्ड

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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