टोंक। IAS टीना डाबी ने शुक्रवार को टोंक जिले की कलेक्टर के रूप में पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम लोगों को राहत देना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए शिकायतों का फिजिकल वेरिफिकेशन कर वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि सरकार की लगभग दो दर्जन फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जाए। उनका कहना है कि योजनाओं की सही मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर फॉलोअप से ही जनता को वास्तविक लाभ मिल पाएगा।
नई कलेक्टर ने विकसित ग्राम और विकसित वार्ड अभियान को प्राथमिकता देते हुए कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभागों में समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर जिले की वास्तविक जरूरतों का आकलन किया जाएगा और विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन आमजन के लिए सुलभ रहेगा और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।
टीना डाबी ने कहा कि टोंक को विकास के मामले में आगे ले जाना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनका मुख्य लक्ष्य है। इससे पहले वह बाड़मेर जिले में कलेक्टर के पद पर कार्यरत थीं, जहां वे विभिन्न प्रशासनिक फैसलों, नवाचारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहीं। बाड़मेर में उन्होंने सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग, जनसुनवाई की सक्रिय व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती को लेकर सुर्खियां बटोरी थीं, जिससे उनकी कार्यशैली को प्रभावी माना गया।