इंदौर के समीप मानपुर थाना क्षेत्र में उजागर हुए हाई-प्रोफाइल जुआकांड ने पुलिस महकमे की साख पर करारा तमाचा जड़ दिया है। 10 मार्च की रात आईएएस वंदना वैद्य के फार्महाउस पर पकड़े गए जुए के अड्डे ने अब अंदरूनी सांठगांठ की परतें उधेड़ दी हैं। पूछताछ में सामने आया है कि यह सिर्फ जुआ नहीं, बल्कि पुलिस की मिलीभगत से चल रहा संगठित खेल था।
चार पुलिसकर्मियों पुलिस कर्मी को लाइन अटैच
एसपी यांगचेन डोलकर ने सख्त रुख अपनाते हुए मानपुर थाने के चार और पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। इससे पहले तीन पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं। यानी अब तक सात वर्दीधारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर गाज गिराकर पूरे नेटवर्क को दबाने की कोशिश की जा रही है?
पुलिस से ‘सेटिंग’
मुख्य आरोपी जगदीश उर्फ कुबड़ा ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि ‘पटेल पैलेस’ से जुड़े महेंद्र पटेल ने जुआ चलाने के लिए न सिर्फ जगह उपलब्ध कराई, बल्कि पुलिस से ‘सेटिंग’ होने का भरोसा भी दिलाया। इसके एवज में रोजाना 20 हजार रुपये देने का सौदा तय हुआ था। यानी कानून के रखवालों की छत्रछाया में खुलेआम अवैध कारोबार फल-फूल रहा था।
आसपास के इलाकों में जुए का खेल
जांच में यह भी सामने आया है कि जनवरी से लगातार फार्महाउस और आसपास के इलाकों में जुए का खेल बदस्तूर जारी था। शाम ढलते ही दांव लगते और रातभर जुआ चलता। करोड़ों का लेन-देन होता रहा और पुलिस आंख मूंदे बैठी रही। मामले में महेंद्र पटेल को आरोपी बनाया जा चुका है, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं होना भी कई सवाल खड़े करता है। उसने अग्रिम जमानत की कोशिश की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया, फिर भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
बताया जा रहा है कि यह फार्म हाउस आईएएस वंदना वैध ओर उनके पति अम्बरीष वैध के नाम पर है. वंदना वैध वर्तमान में विक्त विकास निगम इंदौर की प्रबंध संचालक के पद पर पदस्थ है.
पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि मानपुर थाना क्षेत्र में कानून नहीं, बल्कि ‘सेटिंग’ का राज चल रहा था। अब देखना होगा कि जांच की आंच बड़े नामों तक पहुंचती है या फिर यह मामला भी कार्रवाई के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।