कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना को लेकर दिए एक बयान के खिलाफ दर्ज मानहानि के मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने कहा था कि एक पूर्व सैनिक ने उन्हें बताया कि चीन ने भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन कब्जा ली है। इस बयान को लेकर उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज हुआ।
सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से सख्त सवाल पूछा – “आपको कैसे पता चला कि चीन ने 2,000 किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है? अगर आप सच्चे भारतीय हैं तो ऐसा नहीं कहेंगे।” कोर्ट ने यह भी कहा कि बतौर विपक्ष के नेता आपको ऐसे बयान देने की बजाय संसद में सवाल उठाने चाहिए थे।
राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में बोलने की आज़ादी के लिए चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन उन्हें संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि मानहानि केस दर्ज करने से पहले राहुल को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कई अहम तर्क नहीं रखे। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है और फिलहाल निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
अब यह देखना होगा कि कोर्ट में अगली सुनवाई में राहुल गांधी की याचिका पर क्या फैसला आता है और मानहानि का यह मामला किस दिशा में बढ़ता है।