Aakash Waghmare
31 Dec 2025
Aakash Waghmare
30 Dec 2025
स्पोर्ट्स डेस्क। पाकिस्तान ने 29 अगस्त से बिहार के राजगीर में शुरू हो रहे हॉकी एशिया कप टूर्नामेंट से आधिकारिक रूप से हटने का ऐलान कर दिया है। पाकिस्तान के साथ-साथ ओमान ने भी टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया है। इसके चलते बांग्लादेश और कजाकिस्तान को टीमों की सूची में शामिल किया गया है। हॉकी इंडिया के सूत्रों ने पुष्टि की कि मंगलवार सुबह पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने भारत आने से इनकार कर दिया।
हॉकी एशिया कप 2025 का आयोजन इस बार बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर में हो रहा है। टूर्नामेंट 29 अगस्त से शुरू होगा, जिसमें एशिया की 8 टीमें खिताब की दौड़ में उतरेंगी। भारत ने मेजबान होने के नाते क्वालिफाई किया है, जबकि अन्य टीमों में चीन, जापान, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, कजाकिस्तान, बांग्लादेश और चाइनीज ताइपे शामिल होंगी।
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने पहले ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से हटने की आशंका जताई थी। हालांकि भारत सरकार ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा भी दिया था, लेकिन अंततः पीएचएफ ने भाग लेने से इनकार कर दिया। इसी तरह ओमान ने भी टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया। दोनों देशों की गैरमौजूदगी से बांग्लादेश और कजाकिस्तान को खेलने का मौका मिल गया।
इस प्रकार रहेगा हॉकी एशिया कप का नया ड्रॉ।
भारतीय हॉकी टीम ने आखिरी बार 2017 में एशिया कप खिताब जीता था। तब भारत ने फाइनल में मलेशिया को 2-1 से हराकर तीसरी बार यह ट्रॉफी अपने नाम की थी। इससे पहले टीम ने 2003 और 2007 में भी खिताब जीते थे। हालांकि दक्षिण कोरिया सबसे सफल टीम है, जिसने पांच बार (1994, 1999, 2009, 2013, 2022) यह खिताब जीता है। पाकिस्तान और भारत तीन-तीन बार विजेता बने हैं।
एशिया कप जीतने वाली टीम को 2026 में होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप का टिकट मिलेगा। यह वर्ल्ड कप बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाएगा। पाकिस्तान के टूर्नामेंट से हटने का मतलब है कि उसने सीधे तौर पर वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने का यह मौका गंवा दिया है।
हॉकी एशिया कप की शुरुआत 1982 में पाकिस्तान के कराची से हुई थी। तब से यह टूर्नामेंट एशियाई हॉकी का सबसे प्रतिष्ठित आयोजन माना जाता है। भारत आठ बार फाइनल तक पहुंचा है, जिसमें तीन बार जीत और पांच बार हार का सामना करना पड़ा है। यह आंकड़ा भारतीय टीम की मजबूती और निरंतरता को दर्शाता है।