हिंडनबर्ग रिसर्च का बड़ा ऐलान : ट्वीट कर कहा- आने वाली है एक और बड़ी रिपोर्ट, लोगों ने पूछा- अडाणी के बाद अब कौन?

बिजनेस डेस्क। अमेरिका स्थित शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च अब एक और 'बड़ी रिपोर्ट' जल्द लाने वाली है। अडाणी ग्रुप पर जारी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद शेयर मार्केट में भूचाल आ गया था। वही अब शॉर्ट सेलिंग फर्म ने ट्वीट कर कहा- नई रिपोर्ट जल्द “एक और बड़ी रिपोर्ट”। जिसके बाद सवाल खड़े होने लगे हैं कि, हिंडनबर्ग अडाणी के बाद अब किसको लेकर बड़ा खुलासा करेगा?
https://twitter.com/HindenburgRes/status/1638632636250742787?s=20
कमेंट कर यूजर्स लगा रहे कयास
हिंडनबर्ग रिसर्च के इस ट्वीट के बाद हर कोई जानना चाहता है कि अब किसको लेकर खुलासा किया जाएगा। यूजर्स कमेंट कर पूछ रहे हैं कि, अडाणी के बाद अब कौन?, वहीं कुछ यूजर्स कयास भी लगा रहे हैं कि, इस बाद अंबानी, अमेरिकी बैंक या फिर चीन की किसी फर्म को लेकर रिपोर्ट आ सकती है। एक भारतीय यूजर ने लिखा 'उम्मीद है', यह किसी दूसरी भारतीय कंपनी के बारे में नहीं होगा। यूजर ने हिंडनबर्ग से इस बार किसी चीनी कंपनी पर रिपोर्ट करने की गुजारिश की है।क्या है हिंडनबर्ग रिसर्च?
हिंडनबर्ग रिसर्च की स्थापना साल 2017 में नाथन एंडरसन ने की थी। इसे कॉरपोरेट जगत की गतिविधियों के बारे में खुलासा करने के लिए जाना जाता है। यह एक वित्तीय शोध करने वाली कंपनी है, जो इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव मार्केट के आंकड़ों का विश्लेषण करती है। इस कंपनी का नाम हिंडनबर्ग आपदा पर आधारित है जो 1937 में हुई थी। हिंडनबर्ग रिसर्च हेज फंड का कारोबार भी करती है। हिंडनबर्ग ने साल 2017 के बाद से अब तक दुनिया की करीब 16 कंपनियों में कथित गड़बड़ी को लेकर अपनी रिपोर्ट जारी की हैं।
हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी ग्रुप पर जारी की थी रिपोर्ट
हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में अडाणी गुप पर ‘खुले तौर पर शेयरों में गड़बड़ी और अकाउंट्स में धोखाधड़ी’ में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। यह रिपोर्ट आने के बाद अलग-अलग कारोबारों में जुटे अडाणी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई है। 24 जनवरी को रिपोर्ट जारी होने के बाद अडाणी ग्रुप के शेयरों में शुक्रवार को 20 फीसदी तक की गिरावट आई। इसकी वजह से लिस्टेड कंपनियों का जॉइंट मार्केट कैप 4.17 लाख करोड़ रुपए कम हो गया।रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
- अडाणी ने शेयर चढ़ाने के लिए अपना ही पैसा विदेशी रूट से निवेश किया।
- पैसा गलत तरीके से बाहर भेजा, कारोबार बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया।
- परिवार के कई सदस्य जांच के घेरे में रहे, विवादों से जुड़ाव।
- 8 साल में 4 CFO ने इस्तीफा दिया, वजह खातों में गड़बड़ी।











