
शिमला। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष ने सभी बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था और इसी फैसले के खिलाफ बागी विधायक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। लेकिन, कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
साथ ही 6 मई तक हिमाचल प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा कोर्ट ने विधायकों को सदन की कार्यवाही में मतदान करने या भाग लेने की अनुमति देने से भी साफ इनकार कर दिया है। इसके पहले 12 मार्च की सुनवाई में विधायकों के वकील हरीश साल्वे कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। अगली सुनवाई 6 मई को होगी।
स्पीकर और सेक्रेटरी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
सुनवाई के दौरान जब कोर्ट को बताया गया कि चुनाव आयोग ने 6 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है, तो कोर्ट ने कहा कि आज की हमारी सुनवाई के मद्देनजर आयोग तारीख में बदलाव कर सकता है और 6 मई तक के लिए उपचुनाव पर रोक लगा दी। जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने हिमाचल विधानसभा स्पीकर और सेक्रेटरी को नोटिस देकर इस मामले पर 14 दिन में जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के छह बागी कांग्रेस नेताओं को अयोग्य ठहराने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई शुरू की।
बागी नेताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने मामले को अदालत में पेश किया। pic.twitter.com/9eXJgvCbeX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 18, 2024
7 मई को जारी होना था उप चुनाव का नोटिफिकेशन
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने 16 मार्च को लोकसभा चुनाव की तारीखों के साथ ही अयोग्य ठहराए गए विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में उप-चुनाव की घोषणा की थी। ECI के अनुसार, लाहौल-स्पीति, बड़सर, गगरेट, धर्मशाला, सुजानपुर और कुटलेहड़ सीट खाली है। लिहाजा इन पर उप-चुनाव होने हैं।
क्या है पूरा मामला
हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के बाद स्पीकर ने 6 कांग्रेस विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। इन विधायकों ने राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। कांग्रेस के बागी विधायकों ने 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव में भाजपा के हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद में सभी 6 विधायक पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए अयोग्य घोषित कर दिए गए थे। सभी 6 विधायकों की क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी राज्यसभा चुनाव में भाजपा के हर्ष महाजन से हार गए।
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