Cancer Treatment :क्या पपीते की पत्तियां कैंसर का इलाज हैं? टाटा मेमोरियल की रिसर्च पर उठे सवाल, जानिए पूरी सच्चाई

क्या पपीते की पत्तियों से कैंसर का इलाज हो सकता है? हाल ही में आई एक रिसर्च के बाद यह सवाल चर्चा में है। टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC) की एक क्लीनिकल स्टडी में दावा किया गया कि कैरिका पपाया लीफ एक्सट्रैक्ट (CPLE) कीमोथेरेपी के दौरान कम हुए प्लेटलेट्स को तेजी से रिकवर करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इस स्टडी पर कुछ वैज्ञानिकों ने सवाल उठाए हैं और फिलहाल इसकी जांच चल रही है।
रिसर्च में क्या दावा किया गया?
यह रिसर्च करीब 200 ऐसे कैंसर मरीजों पर की गई, जिनके कीमोथेरेपी के दौरान प्लेटलेट्स काफी कम हो गए थे। स्टडी के अनुसार, जिन मरीजों को CPLE दिया गया, उनके प्लेटलेट्स चौथे दिन से ही प्लेसीबो (डमी दवा) लेने वाले मरीजों की तुलना में तेजी से बढ़ने लगे। इसके अलावा इन मरीजों में कीमोथेरेपी टालने या दवा की डोज कम करने की जरूरत भी कम पड़ी।
- CPLE लेने वाले केवल 25% मरीजों को इलाज में देरी या डोज कम करनी पड़ी।
- प्लेसीबो ग्रुप में यह आंकड़ा 43% था।
- रिसर्च के दौरान किसी गंभीर साइड इफेक्ट की जानकारी नहीं मिली।
- करीब 10 दिन का यह सपोर्टिव इलाज लगभग 300 रुपये में पूरा हो सकता है।
विवाद क्यों शुरू हुआ?
यह स्टडी जर्नल ऑफ क्लीनिकल ऑन्कोलॉजी ग्लोबल ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित हुई थी। बाद में केरल के हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. साइरिएक एबी फिलिप्स ने इसकी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इसके बाद जर्नल ने इस रिसर्च पर 'एक्सप्रेशन ऑफ कंसर्न' जारी किया।
क्या होता है 'एक्सप्रेशन ऑफ कंसर्न'?
इसका मतलब यह नहीं है कि रिसर्च गलत साबित हो गई है। इसका अर्थ सिर्फ इतना है कि जर्नल को कुछ सवाल मिले हैं और वह उनकी वैज्ञानिक जांच कर रहा है। जांच पूरी होने तक स्टडी पर अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाता।
रिसर्च टीम ने क्या कहा?
टाटा मेमोरियल सेंटर के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह रिसर्च पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया और इंटरनेशनल पीयर रिव्यू के बाद प्रकाशित हुई है। स्टडी के सह-लेखक और वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. कुमार प्रभाष ने कहा कि यदि रिसर्च के नतीजे नकारात्मक भी होते, तब भी उन्हें प्रकाशित किया जाता।
वहीं, प्रमुख रिसर्चर डॉ. विकास ओस्टवाल ने कहा कि उनकी टीम अपने निष्कर्षों पर कायम है। उनका कहना है कि जर्नल ने अब तक कोई वैज्ञानिक सवाल नहीं भेजा है और यदि कोई सवाल आता है तो उसका जवाब वैज्ञानिक तरीके से दिया जाएगा।
क्या पपीते की पत्तियां कैंसर का इलाज हैं?
फिलहाल इसका जवाब 'नहीं' है।
अब तक उपलब्ध रिसर्च केवल यह संकेत देती है कि पपीते की पत्तियों का अर्क कीमोथेरेपी के दौरान कम हुए प्लेटलेट्स की रिकवरी में मदद कर सकता है। यह कैंसर को खत्म करने या उसका इलाज करने वाली दवा साबित नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस विषय पर और बड़े वैज्ञानिक अध्ययन और जांच की जरूरत है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना पपीते की पत्तियों को कैंसर का इलाज मानना या नियमित उपचार छोड़ देना सही नहीं होगा।











