High Alcohol Oral Drugs :कफ सिरप पर सरकार की सख्ती! 12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवा अब बिना पर्ची नहीं मिलेगी

केंद्र सरकार ने 12% से अधिक अल्कोहल वाली ओरल दवाओं, जैसे कुछ कफ सिरप और टॉनिक की बिक्री के नियम सख्त कर दिए हैं। अब ये दवाएं शेड्यूल H1 के तहत आएंगी और इन्हें केवल डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही खरीदा जा सकेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि कुछ अल्कोहल युक्त कफ सिरप और ओरल दवाओं का गलत इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा था। नए नियमों से ऐसी दवाओं की बिक्री पर निगरानी बढ़ेगी और उनका उपयोग केवल इलाज के लिए ही हो सकेगा।
शेड्यूल H1 क्या है?
शेड्यूल H1 उन दवाओं की सूची है जिनकी बिक्री और उपयोग पर विशेष निगरानी रखी जाती है। इन दवाओं को खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होती है। साथ ही मेडिकल स्टोर को इनकी बिक्री का रिकॉर्ड भी निर्धारित नियमों के अनुसार सुरक्षित रखना होता है।
मरीजों पर क्या असर होगा?
- 12% से अधिक अल्कोहल वाली ओरल दवा खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होगी।
- मेडिकल स्टोर बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के ऐसी दवाएं नहीं बेच सकेंगे।
- जिन मरीजों को इलाज के लिए इन दवाओं की जरूरत होगी, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा मिलती रहेगी।
- नए नियमों से दवाओं के दुरुपयोग और नशे के लिए इनके इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
क्या होगा फायदा?
सरकार का मानना है कि इस फैसले से दवाओं की अवैध बिक्री और नशे के लिए उनके इस्तेमाल में कमी आएगी। साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि कफ सिरप और अन्य अल्कोहल युक्त दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार ही किया जाए।











