डीएम अंकल, हम जाएं तो जाएं कहां....जलभराव से परेशान ग्रामीण रात में बच्चों संग डीएम आवास पहुंचे

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच जलभराव से परेशान ग्रामीण देर रात परिवार और बच्चों के साथ जिलाधिकारी आवास पहुंच गए। ग्रामीणों ने घरों में भरे पानी की निकासी की मांग करते हुए प्रशासन से तत्काल राहत की गुहार लगाई। शिकायत मिलने पर डीएम अमित आसेरी ने एसडीएम और राजस्व टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के बाद गांव से पानी निकलने का रास्ता बंद हो गया। लोगों का आरोप है कि कई घरों में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर और गृहस्थी का सामान पानी में डूब गया। गांव की सड़कें भी तालाब जैसी दिखाई देने लगीं, जहां दो फीट से ज्यादा पानी जमा होने का दावा किया जा रहा है.
जलभराव से परेशान होकर डीएम आवास पहुंचे ग्रामीण
बांदा जिले की सदर तहसील से सटे कनवारा गांव के धांधू डेरा में लगातार बारिश के बाद हालात बिगड़ गए। गांव में जलनिकासी बाधित होने से कई घरों और सड़कों पर पानी भर गया। देर रात दर्जनों ग्रामीण महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों के साथ सीधे जिलाधिकारी आवास पहुंचे और तत्काल मदद की मांग की।
ग्रामीण बोले- नाले बंद, घरों में भर गया पानी
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के नालों और जलनिकासी मार्ग पर कथित कब्जे के कारण बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है। इसका असर यह हुआ कि पानी घरों में घुस गया। लोगों का कहना है कि अनाज, कपड़े, बिस्तर और घरेलू सामान खराब हो गया है, जबकि कई सड़कों पर दो फीट से ज्यादा पानी जमा है।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी स्थानीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि जिम्मेदारी एक-दूसरे पर टाली जाती रही। आखिरकार राहत नहीं मिलने पर वे सीधे जिलाधिकारी से मिलने पहुंच गए।
डीएम ने तुरंत दिए कार्रवाई के निर्देश
ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिलाधिकारी अमित आसेरी ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने सदर एसडीएम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम को गांव भेजने की तैयारी की गई, ताकि जलभराव की स्थिति का आकलन कर पानी निकासी की व्यवस्था कराई जा सके।
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अवरोध मिलने पर होगी कार्रवाई
सदर एसडीएम नमन मेहता ने बताया कि यदि जांच में जलनिकासी मार्ग पर अवैध अवरोध या अतिक्रमण मिलता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि गांव में राहत कार्य शुरू कराया जाएगा और लोगों की समस्या का जल्द समाधान करने का प्रयास होगा। लगातार बारिश के कारण बुंदेलखंड के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है।












