गुरुग्राम की लग्जरी सोसाइटी में बालकनी गिरी :बिल्डर पर लापरवाही के आरोप, बाल-बाल बचे रहवासी

गुरुग्राम के सेक्टर-37डी स्थित लग्जरी हाउसिंग सोसाइटी इम्पीरिया एस्फेरा फेज-2 में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। टावर-ई के एक फ्लैट की बालकनी का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि जिस समय बालकनी गिरी, उस समय नीचे कोई मौजूद नहीं था, इसलिए कोई घायल नहीं हुआ।
बाल-बाल बचे लोग
हादसे के समय बालकनी के नीचे से लोग गुजरते रहते हैं। अगर उस वक्त कोई वहां होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
बिल्डर की लापरवाही का आरोप
सोसाइटी के लोगों का कहना है कि यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि लंबे समय से हो रही लापरवाही का नतीजा है। उनका आरोप है कि बिल्डर और मेंटेनेंस टीम को कई बार निर्माण से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी गई, लेकिन किसी ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।
पहले भी किया था विरोध प्रदर्शन
निवासियों ने बताया कि पिछले महीने ही उन्होंने सोसाइटी में खराब मेंटेनेंस, फायर सेफ्टी की कमी और जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। उस दौरान बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी भी हुई थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
बालकनी का प्लास्टर और कंक्रीट गिरने के बाद अब पूरे प्रोजेक्ट की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि आज किसी की जान नहीं गई, लेकिन अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग
रेजिडेंट्स ने प्रशासन से पूरे प्रोजेक्ट का किसी स्वतंत्र और प्रतिष्ठित थर्ड-पार्टी एजेंसी से स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सभी टावरों की मजबूती की जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी भी इमारत को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
बिल्डर पर कार्रवाई की मांग
निवासियों ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और जिला प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और बिल्डर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
आरडब्ल्यूए करेगी पुलिस में शिकायत
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष हेमंत ने बताया कि जिस फ्लैट की बालकनी गिरी, उसमें कोई नहीं रहता था। हालांकि नीचे गिरा मलबा किसी भी व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर सकता था। उन्होंने बताया कि बालकनी के साथ लैंटर गिरने से पिलर को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे पूरे टावर की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरडब्ल्यूए इस मामले की शिकायत पुलिस में करेगी और डीटीपी विभाग से जांच की मांग भी करेगी।











