गुना का हॉरर हाउस बना सस्पेंस थ्रिलर :म्याना में जिसे जलाया वो निकला रामकिशन, दूसरे कमरे में मिली असली ओमप्रकाश की लाश

गुना। जिले के म्याना थाना क्षेत्र में हनुमान मंदिर के पास स्थित एक सूने मकान से दो दिनों के अंदर तीन सड़ी-गली लाशें मिलने के मामले में पुलिस ने सगा बेटा एवं मौसेरे भाई को गिरफ्तार है, जबकि एक अन्य फरार है। लेकिन सोमवार को इस मामले में एक ऐसा हैरान और रोंगटे खड़े कर देने वाला टर्निंग पॉइंट आया, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर परिजनों तक के होश उड़ा दिए। लाशों के अत्यधिक डीकंपोज (सड़-गल) होने के कारण शिनाख्त में हुई एक भारी गफलत ने पूरे मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया है। दरअसल जिस शव को रविवार को 60 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा का मानकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा था और परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था, वह असल में ओमप्रकाश का नहीं, बल्कि म्याना निवासी रामकिशन का था।
कैसे हुआ घटना का खुलासा
इस महा-गफलत का खुलासा सोमवार को तब हुआ जब दूसरे कमरे का ताला खोलने पर मिली दो अन्य लाशों की शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू हुई। इस भारी गड़बड़ी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस (पीएम हाउस) में जमकर हंगामा और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। रामकिशन मृत महिला के रिश्ते में देवर लगता है।
कमरे का गेट खोला और फिर...
घटनाक्रम के अनुसार, रविवार को पहले कमरे का ताला तोड़कर एक वृद्ध का शव निकाला गया था। सोमवार सुबह जब पुलिस और फोरेंसिक की टीम कड़ियों को जोड़ने वापस घटनास्थल पर पहुंची, तो पास के ही दूसरे बंद कमरे से असहनीय दुर्गंध आ रही थी। जब उस कमरे का गेट खोला गया, तो भीतर एक महिला और एक पुरुष की अत्यंत क्षत-विक्षत लाशें पड़ी मिली। महिला की पहचान तो कपड़ों और हुलिए के आधार पर गिंदाबाई जाटव निवासी बदरवास के रूप में हो गई थी। लेकिन, जब उसके पास पड़े पुरुष के शव की बारीकी से जांच की गई, तो वहां मौजूद ओमप्रकाश शर्मा के भोपाल से आए बेटे ने शव के गले में पड़ी चांदी की चैन और उसके अंडरवियर-बनियान को देखकर चीख पड़ा। बेटे ने दो टूक शब्दों में शिनाख्त करते हुए कहा कि रविवार को जिसका अंतिम संस्कार किया गया, वे उसके पिता नहीं थे, बल्कि इस दूसरे कमरे में मिली लाश उसके असली पिता ओमप्रकाश शर्मा की है।
दोनों मृतकों के परिजनों का हंगामा,
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद कि ओमप्रकाश समझकर किसी और का अंतिम संस्कार कर दिया गया है, म्याना से लेकर जिला अस्पताल तक हडक़ंप मच गया। जांच करने पर पता चला कि रविवार को अंतेष्टि किया गया शव असल में रामकिशन नामक व्यक्ति का था। इस दौरान रामकिशन के परिजन उग्र हो गए और भारी संख्या में जिला अस्पताल के पीएम हाउस पहुंच गए। रामकिशन के परिजनों ने पुलिस और प्रशासन के सामने हंगामा करते हुए सीधे तौर पर अपने पिता का शव वापस मांगने की मांग रख दी। उनका कहना था कि पुलिस की लापरवाही के कारण किसी दूसरे परिवार ने उनके पिता की अंत्येष्टि कैसे कर दी? इधर, मामले में नया पेंच तब फंसा जब सोमवार को असली ओमप्रकाश के बेटे ने दो टूक लहजे में प्रशासन से कह दिया, अब जो शव दूसरे कमरे से मिला है, वह शत-प्रतिशत मेरे पिताजी का है। मैं इस शव को अपने साथ ले जाऊंगा और बेटे का फर्ज निभाते हुए दोबारा पूरे विधि-विधान से अपने पिता का अंतिम संस्कार करूंगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डीएनए टेस्ट पर टिकी नजर :SP हितिका वासल
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) हितिका वासल स्वयं दल-बल, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीमों के साथ मौके पर डटी हुई हैं। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चूंकि तीनों शव पूरी तरह सड़ चुके हैं और कंकालनुमा स्थिति में पहुंच रहे हैं, इसलिए डॉक्टर भी तत्काल मौत का सटीक कारण और समय नहीं बता पा रहे हैं। शरीर पर बाहरी चोटों के निशान भी स्पष्ट नहीं हैं। घटना के पीछे मृत महिला के ओमप्रकाश सहित अन्य लोगों के साथ अवैध संबंध है। जिससे नाराज होकर उसके सगे बेटे ने मोसी के बेटा एवं एक अन्य के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया है।
अब तक दो की गिरफ्तारी
गुना एसपी हितिका वासल का कहना है कि यह बड़ा चुनौतीपूर्ण मामला था। इस मामले में पुलिस ने मात्र छह-सात घंटे में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपी पकड़े हैं, एक अन्य को जल्द पकड़ लिया जाएगा। इस मामले में जो तथ्य सामने आया है उसके अनुसार जो महिला मृतिका थी, उसके बेटे और बहन के बेटे को उस बात से दिक्कत थी कि उसकी मां के मृत व्यक्ति के साथ सहित अन्य के साथ अवैध संबंध हैं। महिला ओमप्रकाश के साथ ही रहती थी। इसी बात की दोनों को खुन्नस थी। 18 तारीख को जब यह घटना को अंजाम दिया गया था उस समय सभी ने मिलकर शराब पी। शराब केनशे में विवाद होने के बाद उन्होंने गला घोंटकर हत्या कर दी। सीताराम, सुरेन्द्र को पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोपियों को इस बात से दिक्कत थी कि उनकी मां के कारण उनकी बदनामी हो रही है, इसलिए बेटे की बहू भी छोडक़र चली गई थी। मामले में आरोपियों से डिटेल में पूछताछ की जा रही है।
मृतक ओमप्रकाश के बेटे कपिल शर्मा ने कहा कि हमारे पिताजी की कल बॉडी मिलने की सूचना मुझे दी थी। चूंकि मकान में हमारे पिताजी अकेले रहते थे, बॉडी पूरी तरह खराब हो चुकी थी, चेहरा पहचान नहीं आया। बॉडी पर जो कपड़े थे वह सेम के सेम कपड़े मेरे पिताजी के पास थे। आज जब दूसरा कमरा खोला तो उसमें मिले शव में से एक शव मेरे पिताजी का है। वह पिताजी का शव इसलिए है क्योंकि पिताजी के गले में जो चांदी की चैन थी वह पिताजी पहनते थे। साथ में बनियान जो पहनते थे उससे पहचान आ रहे हैं। कल जो बॉडी का अंतिम संस्कार किया था वह मैंने ही किया था, आज भी मैं ही करूंगा।
जबकि रामकिशन के बेटे मृतक सोनू जाटव का कहना है कि मुझे थाने से फोन आया कि शव की शिनाख्त करना है। तीन लोग मरे थे, एक पुलिस ने जलवा दिया या गायब कर दिया। आज जो मिले है उसमें मेरे पिताजी नहीं है। मुझे मेरे पिताजी का शव चाहिए।- सोनू जाटव, मृतक रामकिशन का बेटा











