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Greenland Controversy : डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की मंशा पर फ्रांस और जर्मनी ने अपनाया कड़ा रुख

Greenland Controversy : डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की मंशा पर फ्रांस और जर्मनी ने अपनाया कड़ा रुख
पेरिस। डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकियों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने बुधवार को स्पष्ट रूप से कहा कि यूरोपीय यूनियन किसी भी देश को अपनी सीमाओं पर हमला करने की अनुमति नहीं देगा।
बैरोट ने ग्रीनलैंड को यूरोपीय यूनियन का हिस्सा बताते हुए कहा, "हम एक मजबूत महाद्वीप हैं और किसी भी देश को अपनी सीमाओं के खिलाफ कार्रवाई की इजाजत नहीं देंगे।"
जर्मनी ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। जर्मन प्रवक्ता स्टीफन हेबेस्ट्रेट ने कहा, "सीमाओं को जबरदस्ती बदलने का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य है।"

डेनमार्क ने कहा- आजादी संभव, लेकिन अमेरिका का हिस्सा नहीं

डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर स्पष्ट किया कि यदि ग्रीनलैंड के लोग चाहें, तो वे आजादी पसंद करेंगे, लेकिन वह अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेंगे।
रासमुसेन ने कहा, "हम ग्रीनलैंड की महत्वाकांक्षाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में देना संभव नहीं।"
हालांकि, उन्होंने आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियों पर अमेरिका की सुरक्षा चिंताओं को जायज बताया।

ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण क्यों जरूरी?

डोनाल्ड ट्रम्प ने दिसंबर में ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लेने की इच्छा जताई थी। उनका कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्वतंत्रता के लिए आवश्यक है। ग्रीनलैंड एक स्वायत्त क्षेत्र है जो डेनमार्क के नियंत्रण में है। यह उत्तरी अटलांटिक महासागर में स्थित एक महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र है। यहां अमेरिकी वायुसेना का एक अड्डा भी है, जहां लगभग 600 सैनिक तैनात हैं।

पनामा नहर पर भी ट्रम्प की नजर

ग्रीनलैंड के अलावा ट्रम्प ने हाल ही में पनामा नहर को फिर से अमेरिकी नियंत्रण में लेने की धमकी दी थी। यह नहर कैरेबियन देश पनामा का हिस्सा है और 1999 तक अमेरिका के नियंत्रण में थी।
पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने ट्रम्प की धमकी का तीखा जवाब देते हुए कहा, "पनामा की स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।"

ट्रम्प जूनियर की ग्रीनलैंड यात्रा ने बढ़ाया विवाद

डोनाल्ड ट्रम्प के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर 7 जनवरी को ग्रीनलैंड पहुंचे। हालांकि, उन्होंने इसे निजी दौरा बताया, लेकिन इसे ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे की इच्छा से जोड़कर देखा जा रहा है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा, "यह सराहनीय है कि अमेरिका ग्रीनलैंड में रुचि दिखा रहा है, लेकिन ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है।"

पहले भी हुई ग्रीनलैंड को खरीदने की कोशिश

यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने ग्रीनलैंड को खरीदने की इच्छा जताई हो। 1946 में राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने इसे 10 करोड़ डॉलर में खरीदने की पेशकश की थी। हालांकि, डेनमार्क ने इसे ठुकरा दिया था। ये भी पढ़ें- दुबई में भारतीय विदेश सचिव और तालिबान सरकार के विदेश मंत्री के बीच हुई बैठक, दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने पर जोर
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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