
सोना-चांदी के दाम में आज यानी 22 अप्रैल को थोड़ी गिरावट देखने को मिली है, जिससे खरीदारों को हल्की राहत जरूर मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स(IBJA) के ताजा आंकडों मे अनुसार 24 कैरेट सोना 105 रुपए सस्ता होकर 1,52,250 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इससे पहले 21 अप्रैल को यही सोना 1,52,355 रुपए पर बिक रहा था। चांदी की बात करें तो इसमें भी गिरावट दर्ज की गई है। एक किलो चांदी 836 रुपए गिरगर 2,49,677 रुपए पर पहुंच गई है, जबकि एक दिन पहले इसकी कीमत 2,50,513 रुपए थी। यानी बाजार में आज हल्की नरमी जरूर आई है, लेकिन कीमतों में अभी भी तेजी बनी हुई है।
अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि हर शहर में सोने की कीमत अलग क्यों होती है। इसकी वजह कई फैक्टर होते हैं। सबसे पहला फैक्टर ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा का खर्च होता है क्योंकि इसमें सोना एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाया जाता है, तो उस पर ज्यादा लागत जुड़ जाती है। इसके अलावा अलग- अलग क्षेत्रों में मांग भी अलग होती है। दक्षित भारत में सोने की खपत काफी ज्यादा है, जिससे वहां की कीमतों में फर्क दिख सकता है। वहीं स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन भी बाजार की स्थिति के हिसाब से रेट तय करते हैं। ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराना स्टॉक और उन्होंने किस कीमत पर सोना खरीदा था, यह भी बिक्री कीमत को प्रभावित करता है।
भले ही आज कीमतों में थोड़ी गिरावट आई हो, लेकिन पूरे साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर बिल्कुल अलग दिखती है। 2026 में अब तक सोना करीब 19 हजार रुपए महंगा हो चुका है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.52 लाख रुपए के आसपास पहुंच गई है। इसी तरह चांदी भी करीब 20 हजार रुपए तक महंगी हो चुकी है। यानी निवेश के लिहाज से देखें तो दोनों धातुओं ने अच्छा रिटर्न दिया है।
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इस साल सोना-चांदी ने अपने पुराने रिकॉर्ड भी तोड़े हैं। 29 जनवरी को सोना करीब 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। चांदी ने भी इसी दौरान 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऑलटाइम हाई बनाया। हालांकि उसके बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन बाजार में मजबूती बनी हुई है।
सोना-चांदी की कीमतों पर सरकार के फैसलों का भी असर देखने को मिल रहा है। हाल ही में सरकार ने इन धातुओं से बने गहनों को 'फ्री' कैटेगरी से हटाकर 'रिस्ट्रिक्टेड' कैटेगरी में डाल दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के नोटिफिकेशन के अनुसार अब विदेश से ज्वेलरी मंगाने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होगा। इसका मकसद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकना है। लेकिन इसका असर सप्लाई पर पड़ रहा है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हमेशा हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड सोना ही खरीदें। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क इस बात की गारंटी देता है कि सोना शुद्ध है। इसके अलावा, खरीदने से पहले सोने की कीमत को अलग-अलग स्रोतों से जरूर जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से कीमतें अलग होती हैं, इसलिए सही जानकारी होना जरूरी है।
चांदी खरीदते वक्त भी सतर्क रहना जरूरी है। असली चांदी की पहचान के कुछ आसान तरीके हैं। जैसे, असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो समझिए वह नकली हो सकती है। बर्फ रखने पर असली चांदी जल्दी ठंडी होकर बर्फ पिघला देती है। इसके अलावा उसमें कोई खास गंध नहीं होती। अगर रगड़ने पर कपड़े पर काला निशान आए, तो यह असली होने का संकेत माना जाता है।
आज भले ही सोना-चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट आई हो, लेकिन लंबे समय में इनकी कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है। यही वजह है कि निवेशक अब भी इस बाजार पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्री बाजार, सरकार की नीतियों और मांग-सप्लाई के आधार पर कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में खरीदारी या निवेश से पहले सही जानकारी लेना बेहद जरूरी हो जाता है।