
भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन (जीआईएस) के समापन सत्र को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी कहा कि राज्य अपनी रणनीतिक स्थिति, कुशल कार्यबल और समग्र व्यवसाय समर्थक पारिस्थितिकी तंत्र के कारण एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है। शाह ने कहा कि यह लक्ष्य केवल केंद्र सरकार के बूते नहीं, बल्कि केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयास से ही पूरा होगा।
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने देश की 130 करोड़ जनता के सामने 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित देश बनाने का लक्ष्य रखा है। 2027 तक दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य भी रखा है। केंद्र की मोदी सरकार ने देश में 10 सालों के दौरान अभूतपूर्व कार्य करते हुए ऐसी नींव तैयार कर दी है, जिससे आने वाले दस सालों में विभिन्न क्षेत्रों में बुलंद इमारतें खड़ी की जा सकती हैं। गृह मंत्री ने कहा कि इसे अकेले केंद्र सरकार हासिल नहीं कर सकती, बल्कि इसे केंद्र और राज्य सरकारों को ‘टीम इंडिया’ के रूप में पूरा करना होगा
30.77 लाख करोड़ के एमओयू
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने भाषण में कहा कि राज्य ने निवेशक सम्मेलन के दौरान और इससे पहले 30.77 लाख करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यादव ने कहा कि उनकी सरकार ने उद्योग स्थापित करने के लिए तेजी से मंजूरी देने के लिए एकल खिड़की प्रणाली शुरू की है और 2025 को ‘उद्योग और रोजगार’ वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है।
कभी ‘‘बीमारू राज्य” के रूप में होती थी गिनती : शाह
इसके पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में दो दिन के आयोजन के दौरान निवेश संबंधी 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। डॉ. शाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि दो दिनों के दौरान जो प्रस्ताव मिले हैं, उन्हें उम्मीद है कि ये शीघ्र ही धरातल पर आकार लेंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश की खूबियां गिनाते हुए कहा कि यहां पर स्थिर सरकार और पारदर्शी प्रशासन होने के साथ ही अन्य सुविधाएं हैं। कभी इस राज्य की गिनती ‘‘बीमारू राज्य” के रूप में होती थी, लेकिन 20 साल की भाजपा सरकार के बाद आज मध्य प्रदेश में 5 लाख किमी का सड़क नेटवर्क, 6 हवाई अड्डे, 31 गीगावॉट ऊर्जा क्षमता और आईआईएम, आईआईटी सहित कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान हैं। मध्य प्रदेश Ease Of Doing business के लिए जन विश्वास विधेयक पारित करने वाला देश का पहला राज्य है।
एमपी में खनिज एवं प्राकृतिक संसाधन भी मौजूद
अमित शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में मैंगनीज, कॉपर, कोयला, रॉक फॉस्फेट, लौह अयस्क, अन्य खनिज एवं प्राकृतिक संसाधन भी मौजूद हैं। देश के 25 प्रतिशत आर्गेनिक कॉटन की पूर्ति इसी राज्य से होती है। फूड प्रोसेसिंग के लिए भी यह राज्य महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थिर शासन होने की वजह से मजबूत नीतियां हैं। प्रशासन भी निवेशकों को सहयोग करने के लिए दो कदम आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है।