जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के अराहमा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच चल रही मुठभेड़ ने लगातार दूसरे दिन भी तनाव बनाए रखा है। मंगलवार से शुरू हुआ यह ऑपरेशन बुधवार को और तेज हो गया, जिसमें अब तक एक आतंकी को मार गिराया गया है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इलाके में अभी भी 1 से 2 आतंकी छिपे हो सकते हैं। इसी के चलते पूरे क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान को और सख्ती के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम हर संभावित ठिकाने को खंगाल रही है ताकि किसी भी तरह का खतरा पूरी तरह खत्म किया जा सके।
अराहमा क्षेत्र में शुरू हुई इस मुठभेड़ ने रात के समय और भी गंभीर रूप ले लिया। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, रातभर रुक-रुक कर गोलियों की आवाजें सुनाई देती रहीं। आतंकियों की ओर से बीच-बीच में फायरिंग की गई, जिसका सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई के साथ सामना किया। इस दौरान एक आतंकी को मार गिराने में सफलता मिली, लेकिन ऑपरेशन यहीं नहीं रुका। अंधेरे और संवेदनशील हालात को देखते हुए जवानों ने अपनी पोजिशन को रणनीतिक रूप से बदला और पूरे इलाके को घेरकर निगरानी और कड़ी कर दी।
इस पूरे अभियान में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। सेना की 2 असम रेजिमेंट के जवान अग्रिम मोर्चे पर तैनात हैं और इलाके की गहन तलाशी ली जा रही है। तीनों एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के चलते ऑपरेशन को बेहद व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षा बलों का फोकस साफ है- किसी भी आतंकी को बच निकलने का मौका न मिले और आम नागरिकों को किसी तरह का नुकसान न हो।
मुठभेड़ की गंभीरता को देखते हुए पूरे गांदरबल इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को बंद कर दिया गया है ताकि आतंकियों के भागने की कोई संभावना न रहे। कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (आईजी) खुद मौके पर पहुंचकर पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। बुधवार सुबह फिर से गोलीबारी की आवाजें आने के बाद अतिरिक्त बलों को भी मौके पर भेजा गया। सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
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आधुनिक तकनीक का भी इस ऑपरेशन में भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षाबल ड्रोन की मदद से इलाके की निगरानी कर रहे हैं, जिससे छिपे हुए आतंकियों की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, संदिग्ध ठिकानों और जंगलों की गहन जांच की जा रही है। हर छोटे-बड़े इनपुट को गंभीरता से लेते हुए ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि इस पूरे ऑपरेशन में स्थानीय लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इलाके के लोगों को सतर्क रहने और घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को देने के लिए कहा गया है, ताकि ऑपरेशन को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन तब तक खत्म नहीं किया जाएगा जब तक पूरे इलाके को आतंकियों से पूरी तरह साफ नहीं कर दिया जाता। सुरक्षाबल हर संभावित छिपने की जगह को खंगाल रहे हैं और लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। गांदरबल में चल रही यह मुठभेड़ एक बार फिर दिखाती है कि घाटी में सुरक्षा एजेंसियां हर खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी स्थिति में आतंकियों को पनपने नहीं दिया जाएगा।