अच्छी नींद के लिए लाइफस्टाइल में करें बदलाव, योग निद्रा और बुक रीडिंग को अपनाएं

स्लीप अवेयरनेस वीक : नींद पूरी न होने से घटती है प्रोडक्टिविटी, अब इसे लेकर आ रही जागरुकता
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अच्छी नींद के लिए लाइफस्टाइल में करें बदलाव, योग निद्रा और बुक रीडिंग को अपनाएं

प्रीति जैन- नींद और उसकी गुणवत्ता को लेकर अब चर्चाएं होने लगीं हैं। नींद के साथ अधिकांश लोग समझौता कर रहे हैं, जिसका असर उनकी सेहत पर नजर आता है। नींद पूरी न होने से दिनभर आलस बना रहता है और प्रोडक्टिविटी भी घटती है। लेकिन कई लोगों को बेड पर जाने के बाद भी देर तक नींद नहीं आती। डॉक्टर्स के मुताबिक, ऐसा इसलिए होता है कि पहले देर से सोने की आदत पड़ चुकी होती है, जिसके बाद कुछ नया बदलाव करने पर नींद देरी से आती है लेकिन ऐसे बहुत सारे तरीके हैं, जिससे समय पर सोया जा सकता है। स्लीप अवेयरनेस वीक हर साल इसी तरह की जागरुकता लोगों तक पहुंचाने के लिए मनाया जाता है।

वीकएंड पर ज्यादा नींद से बचें

तमाम स्टडीज के मुताबिक, दोपहर और शाम को कैफीन से बचकर अपने दिमाग और शरीर को आराम दें। सोने से पहले भारी भोजन और निकोटीन से दूर रहना भी सबसे अच्छा है। एक नियमित दिनचर्या का पालन करें, जो आपको आराम दे ताकि आपको हर रात अच्छी नींद मिल सके। ध्यान लगाने, लाइट म्यूजिक सुनने, रोशनी कम करने या किताब पढ़ने की कोशिश कर सकते हैं। वीकएंड पर अत्यधिक नींद से बचना महत्वपूर्ण है ताकि आपको सोमवार को फिर से काम पर लौटने पर मुश्किल का सामना न करना पड़े। इसलिए योग, पैदल चलना या साइकिल चलाना जैसी गतिविधियां वीकएंड पर कर सकते हैं। सोने से कम से कम एक घंटे पहले अपने फोन, टैबलेट और कंप्यूटर से दूर रहें। दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। ज्यादा देर तक बिना पानी के रहना थकान का कारण बन सकता है, इसलिए हाइड्रेटेड रहना जरूरी है।

नींद और शारीरिक स्वास्थ्य का संबंध

स्लीप फाउंडेशन द्वारा 2024 में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, समय के साथ नींद की कमी और कई तरह की बीमारियों को जन्म देती है। इसमें डिमेंशिया, हार्ट अटैक और स्ट्रोक, हाई बीपी, टाइप 2 मधुमेह, स्लीप एपनिया, कम प्रतिरक्षा और संक्रमण का जोखिम, कैंसर, वजन बढ़ना और मोटापा व एक्सीडेंट का भी खतरा रहता है। यही वजह है कि मेरे पास कई लोग नींद की समस्या लेकर आते हैं, तो योग व मेडिटेशन के जरिए साथ ही योगनिद्रा टेक्नीक सिखाकर उन्हें सोने का सही तरीका बताती हूं। - नीतू गौतम, योग इंस्ट्रक्टर

अब लोगों में आ रही है जागरुकता

सूरज की रोशनी में जरूर जाएं। सुबह से समय ताजी हवा में वक्त बिताएं। नेचर से कनेक्ट हों। इसके अलावा अपने खानपान को रात में हल्का रखें। रात को भारी भोजन करने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है, जिससे नींद में बाधा आ सकती है। नींद में किसी तरह की परेशानी होने पर काउंसलर की मदद लें क्योंकि नींद न आने से मेंटल व फिजिकल हेल्थ दोनों पर बुरा असर पड़ता है। अब लोगों में जागरुकता आ रही है और वे अच्छी नींद के बारे में जानकारी व इलाज के लिए आने लगे हैं। - डॉ .सत्यकांत त्रिवेदी, मनोचिकित्सक

रात में वेब सीरीज देखने की लत छोड़ी

कोविड के दौरान पूरी-पूरी रात वेब सीरीज देखी, इसका नतीजा यह हुआ कि फिर नींद ही देरी से आने लगी। मैंने यह लत छुड़ाने के लिए सबसे पहले मोबाइल को खुद से दूर किया। रात के समय मोबाइल को अपने बेड के पास रखना बंद किया। मैंने रात को सोने से पहले वॉक करना शुरू की और बुक रीडिंग करने लगा। पढ़ते हुए कब नींद लग जाती है अब पता ही नहीं चलता। - सोमेश ददलानी, व्यवसायी

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