नेशनल डेस्क। होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर अमेरिका द्वारा दी गई समयसीमा खत्म होने से पहले ही पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। इसी बीच इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए कई अहम ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। असलूयेह स्थित साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमले के बाद इजरायल ने कहा कि उसने ईरान के तीन प्रमुख हवाई अड्डों पर भी प्रहार किया, जिसमें विमानों, हेलीकॉप्टरों और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में बढ़ते टकराव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहराती जा रही है।
इजरायली रक्षा बल (IDF) के अनुसार बहरान, मेहराबाद और आजमायेश एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। इससे पहले असलूयेह स्थित साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल और गैस परिसर पर हमला किया गया था, जो ईरान के कुल पेट्रोकेमिकल उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा प्रदान करता है। साउथ पार्स दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस क्षेत्रों में से एक माना जाता है, जिसे ईरान और कतर साझा करते हैं। ईरानी मीडिया के हवाले से सामने आई रिपोर्टों में बताया गया कि इस क्षेत्र से जुड़ी ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाए जाने से उत्पादन और आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा के भीतर होर्मुज को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है और देश को “पाषाण काल” में पहुंचाने की कार्रवाई कर सकता है। वहीं, संघर्ष को रोकने के प्रयास भी जारी हैं। मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये जैसे मध्यस्थ देशों ने ईरान और अमेरिका के सामने 45 दिनों के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का सुझाव दिया गया है। यह प्रस्ताव क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।