MP News :होटल अशोका लेक व्यू के ऑपरेशन में 5 ग्रुप ने दिखाई दिलचस्पी

संतोष चौधरी, भोपाल
राजधानी में श्यामला हिल्स की सबसे खूबसूरत लोकेशन पर बने लेक व्यू रेसिडेंसी (पुराना नाम होटल अशोक लेक व्यू) के संचालन के लिए प्राइवेट हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के 5 बड़े ग्रुप ने दिलचस्पी दिखाई है। मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम ने इसे निजी हाथों में देने के लिए बीते 8 माह में टेंडर की तारीख 7 बार आगे बढ़ाई थी। इधर, निगम 31 मार्च 2026 से इसका संचालन बंद कर देगा। इसके बाद इसे योग्य निवेशक इसका संचालन करेगा।
इसलिए बढ़ रही थी बार-बार तारीख
टेंडर में सबसे बड़ा रोड़ा बना था—होटल परिसर का एक छोटा हिस्सा राजस्व वन की श्रेणी में दर्ज होना। यह कंप्लायंस अड़चन महीनों तक फाइलों को उलझाती रही और टेंडर टाइमलाइन बार-बार खिसकती गई। अब यह मामला पूरी तरह सुलझ चुका है।
DBFOT मोड पर देंगे
दरअसल, राज्य सरकार पर्यटन निगम की इस यूनिट को निजी निवेशकों को 60 साल के लिए DBFOT (डिजायन, बिल्ड, फायनेंस, ऑपरेशन, ट्रांसफर) मोड देने का निर्णय लिया था। इसके लिए सबसे पहले मार्च में टेंडर (रिक्वेस्ट फॉर प्रफोजल- आरएफपी) जारी किए गए थे। इसके बाद इसमें कई पेंच लगते रहे हैं,जिसके कारण संशोधनों के साथ तारीख बढ़ाई गई। प्रबंधन के मुताबिक, दो दिन पहले इसके टेंडर खोले गए हैं। हालांकि टेंडर प्रक्रिया प्रोसेस में है, इसलिए निगम प्रबंधन इन नामों का खुलासा करने से बच रहा है।
ये हैं प्रमुख शर्तें
टेंडर शर्तों के तहत चुनी जाने वाली एजेंसी को 3 करोड़ रुपए वार्षिक शुल्क, हर साल 5 प्रतिशत बढ़ोतरी और होटल की राजस्व हिस्सेदारी देनी होगी। सबसे अधिक प्रतिशत देने वाला निवेशक इस प्रतिष्ठित संपत्ति का नया कस्टोडियन बनेगा।
लेक व्यू अशोका की खासियत
- सबसे खूबसूरत स्थान पर स्थित इस होटल की न्यूनतम दर 150 करोड़ रुपए तय की है।
- इसे डीबीएफओटी मोड पर 60 वर्षों के लिए निवेशकों को दिया जाएगा। बाद में 10 साल की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
- इसमें अभी करीबन 42 कमरे, भोपाल एक्सप्रेस रेस्टोरेंट, किनारा रेस्टोरेंट, रूफटॉप रेस्टोरेंट, बैंकेट हॉल, ड्राइव एन थिएटर, स्पा, जिम और स्वीमिंग पूल हैं
- इस होटल के पीछे भोपाल लेक व्यू का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है।
सभी ऑफर का परीक्षण करा रहे
मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम के एमडी डॉ. इलैया राजा टी. ने कहा कि इस होटल के संचालन में 5 बड़े समूहों ने दिलचस्पी दिखाई है। सभी ऑफर का परीक्षण कराया जा रहा है। योग्य निविदाकर्ताओं का प्रेजेटेंशन होगा। इसके बाद वित्तीय सेवा शर्तें देखी जाएगी। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता रखी जा रही है।




















