भोपाल। कुमार सानू के एक फैन ने मर्डर हो जाने के डर से तीन बार आत्महत्या का प्रयास किया। जब यह बात सिंगर कुमार सानू को पता चली तो उन्होंने डॉक्टर से बात की। सानू ने अपने फैन की कोई मदद की इच्छा जताई। दरअसल, भोपाल के सीनियर साइकियाट्रिस्ट डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने इस युवक की जानकारी मिलने पर बीमारी संबंधी जानकारी दी थी। इसके बाद सिंगर कुमार सानू ने उनसे संपर्क किया
'डिल्यूजन' के शिकार बिहार के झपरा निवासी 32 वर्षीय प्रमोद माझी नागपुर से अपने घर जा रहा था। तब उसने जबलपुर के पास ट्रेन से कूदने का प्रयास किया। उसे जैसे-तैसे रोका गया तो जबलपुर रेलवे स्टेशन के टॉयलेट में उसने ब्लेड से कलाई और गला काट लिया। यहां से भी पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में उसने दूसरी मंजिल से कूदने की कोशिश की। लेकिन उसे बचा लिया गया। वह खतरे से बाहर है।
पुलिस पूछताछ में युवक ने जो कहानी बताई, वह जितनी अजीब थी उतनी ही चिंताजनक भी। उसने कहा कि वह लंबे समय से मशहूर गायक कुमार सानू का कट्टर प्रशंसक है, लेकिन हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर रील्स देखते हुए वह दूसरे गायकों के गाने सुनने लगा। यहीं से उसके मन में एक अजीब सा भ्रम पैदा हो गया। युवक को लगने लगा कि कुमार सानू के फैंस उसे धोखेबाज मानेंगे और उसे ढूंढकर मार डालेंगे। इसी डर के कारण वह लगातार भागता रहा।
भोपाल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक (साइकियाट्रिस्ट) डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने इस पूरे मामले को साइकोसिस का उदाहरण बताया। उनके अनुसार, साइकोसिस में व्यक्ति के दिमाग में झूठे लेकिन अटूट विश्वास घर कर जाते हैं, जिन्हें किसी भी तर्क या सबूत से तोड़ पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि डोपामाइन लेवल बढ़ने के कारण यह विश्वास इतना मजबूत हो जाता है कि व्यक्ति वास्तविकता से पूरी तरह कट जाता है। डर, जो सामान्य तौर पर एक प्राकृतिक भावना है, जब डेल्यूजन में बदल जाता है तो व्यक्ति खुद को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में आ सकता है।
इस घटना के बारे में पता चलने के बाद कुमार सानू ने डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी को फोन किया। डॉ. त्रिवेदी ने पीपुल्स अपडेट को बताया कि मंगलवार की दोपहर उनके पास सिंगर कुमार सानू का फोन आया। डॉ. त्रिवेदी के अनुसार सानू ने कहा कि मैं अपने फैंस को लेकर चिंतित रहता हूं। इस बारे में मुझे एक समाचार के जरिए पता चला कि आपने मेरे फैन की बीमारी को लेकर कुछ चीजें बताई हैं। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने साइकोसिस और डेल्यूजन से जुड़ी समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली और यह भी पूछा कि वे व्यक्तिगत तौर पर अपने फैन की मदद कैसे कर सकते हैं। इतना ही नहीं, कुमार सानू ने अपना निजी नंबर देते हुए भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर वे हर संभव सहायता के लिए तैयार हैं।