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MP GEHU KHARIDI :किसानों को नहीं मिल रहा सही दाम, गेहूं खरीदी बना बड़ा मुद्दा

मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी में देरी को लेकर विवाद बढ़ा। कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया है कि जानबूझकर खरीदी देर से शुरू की गई, जिससे किसानों को नुकसान हुआ। जीतू पटवारी ने कहा कि कई किसानों को मजबूरी में कम दाम पर गेहूं बेचना पड़ा। मंडियों में अव्यवस्था और धीमी खरीदी से किसान परेशान हैं।
किसानों को नहीं मिल रहा सही दाम, गेहूं खरीदी बना बड़ा मुद्दा
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    एमपी में आज से चार संभागों में गेहूं खरीदी शुरू हो रही है। इस बार गेहूं खरीदी देरी से शुरू होने के पीछे सरकार इजराइल-ईरान युद्ध का हवाला दे रही है। ऐसे में कांग्रेस गेहूं खरीदी में देरी को लेकर प्रदेशभर में प्रदर्शन कर रही है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने रणनीतिक तरीके से घोटाला किया है। बारदाने की कमी का बहाना बनाकर गेहूं खरीदी नहीं की गई। यह किसानों को धोखा देने की कोशिश है। मध्यप्रदेश  में गेहूं खरीदी को लेकर राजनीति तेज हो गई है। मंडियों में किसान अपनी उपज लेकर खड़े हैं। लेकिन खरीदी की धीमी रफ्तार और कम दामों के आरोपों ने माहौल गरमा दिया है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विदिशा मंडी पहुंचकर सरकार पर सीधा हमला बोला है। § उन्होंने ऐलान किया कि वे केंद्रीय कृषि मंत्री के कृषि मेले में जाकर जमीनी सच्चाई का आईना दिखाएंगे।

    मंडी में किसानों से सीधी बात

    विदिशा कृषि उपज मंडी में पहुंचे जीतू पटवारी ने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से मंडी में फसल लेकर बैठे हैं। लेकिन खरीदी की प्रक्रिया सुचारू नहीं है। इससे उनकी लागत और परेशानी दोनों बढ़ रही हैं।

    पटवारी का हमला

    पटवारी ने भाजपा सरकार पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की तरक्की सिर्फ पोस्टर और होर्डिंग्स तक सीमित है। उनके मुताबिक असल स्थिति यह है कि किसान अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए संघर्ष कर रहा है और उसे उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उनका कहना है: सरकार ने “रणनीतिक तरीके से घोटाला” किया, बारदाने की कमी का बहाना बनाकर खरीदी रोकी गई। लगभग 25% गेहूं किसान ओपन मार्केट में बेच चुके हैं, किसानों को 1600–2000 रुपए प्रति क्विंटल तक कम दाम मिला। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों को उनका हक नहीं दे रही।

    विदिशा का मुद्दा बना सियासी सवाल

    पटवारी ने विदिशा का जिक्र करते हुए कहा कि यह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र है। इसके बावजूद यहां किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। यह स्थिति सरकार के दावों पर सवाल उठाती है।

    MSP से कम दाम पर बेचने की मजबूरी

    कांग्रेस का आरोप है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल रहा। बताया गया कि कई किसान करीब 2200 प्रति क्विंटल के आसपास गेहूं बेचने को मजबूर हैं, जो घोषित समर्थन मूल्य से कम है।

    पटवारी का ऐलान

    पटवारी ने कहा कि 11 से 13 अप्रैल तक होने वाले राष्ट्रीय कृषि मेले में वे शामिल होंगे। उन्होंने साफ कहा कि वहां सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क सामने रखेंगे। गेहूं खरीदी में देरी को लेकर कांग्रेस ने सरकार को सीधी चेतावनी दी है। पटवारी ने इसे सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि किसानों के साथ धोखा बताया।

    प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर विवाद

    मंडियों में किसान खरीदी की रफ्तार धीमी बताकर MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से कम दाम मिलने का आरोप लगा रहे हैं। विदिशा में पटवारी ने दौरा किया और सरकार पर हमला बोला। 11-13 अप्रैल को कृषि मेले में पटवारी शामिल होंगे। 9 अप्रैल को कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। अगर 10 अप्रैल तक खरीदी नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

    आंदोलन की पूरी रणनीति तैयार

    कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अगर 10 अप्रैल तक खरीदी सुचारू नहीं हुई तो बड़ा विरोध होगा। भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास के बाहर उपवास और भोपाल से उज्जैन तक ट्रैक्टर रैली निकालने की चेतावनी दी गई है।

    सरकार को सीधी चेतावनी

    पटवारी ने सीएम मोहन यादव और कृषि मंत्री को आगाह किया। उन्होंने कहा कि अगर किसानों को सही दाम और सम्मान नहीं मिला, तो आंदोलन और तेज होगा। उनका कहना है कि अन्नदाता की अनदेखी अब राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। गेहूं खरीदी का मुद्दा अब केवल कृषि नहीं, बल्कि बड़ा सियासी मुद्दा बनता जा रहा है। सरकार अपने प्रबंधन का दावा कर रही है, जबकि विपक्ष इसे किसान विरोधी नीति बता रहा है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है।

    मंडियों में किसानों की परेशानी

    विदिशा सहित कई मंडियों में किसान अपनी फसल लेकर कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं। जैसे खरीदी की धीमी प्रक्रिया, समय पर स्लॉट होने के बावजूद व्यवस्था नहीं, फसल खराब होने का खतरा, अतिरिक्त खर्च और परेशानी। विदिशा, जो कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र है, वहीं किसानों की परेशानी सामने आने से विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका मिला है।

    सरकार को चेतावनी

    पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसानों को सही दाम नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा। गेहूं खरीदी का मामला अब सिर्फ कृषि का नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। सरकार व्यवस्थाएं सुधारने का दावा, वही विपक्ष किसान विरोधी नीति का आरोप, आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने की संभावना है।

    मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी में देरी को लेकर विवाद बढ़ा। कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया है कि जानबूझकर खरीदी देर से शुरू की गई, जिससे किसानों को नुकसान हुआ। जीतू पटवारी ने कहा कि कई किसानों को मजबूरी में कम दाम पर गेहूं बेचना पड़ा। मंडियों में अव्यवस्था और धीमी खरीदी से किसान परेशान हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन शुरू कर दिया है और सरकार को चेतावनी दी है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो आंदोलन और तेज होगा।

     

    Aditi Rawat
    By Aditi Rawat

    अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

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