भोपाल। 'सालों से हम केसर बस्ती अयोध्या बायपास पर रह रहे थे। प्रशासन ने नोटिस दिया, जिसे लेकर अयोध्या बायपास पर गुरुवार को चक्काजाम करके विरोध जताया था। शुक्रवार को प्रशासन ने हमें सामान निकालने के लिए समय तक नहीं दिया। बुलडोजर चलाकर झुग्ग्यिों को तोड़ दिया। अब हम कहां जाएं, बेघर हो गए हैं। कहीं दूसरी जगह रहने का भी प्रशासन व नेशनल हाईवे की ओर ने इंतजाम नहीं किया।' यह पीड़ा है अयोध्या बायपास केसर बस्ती निवासी गेंदालाल व ननी बाई सहित अन्य रहवासियों की। शुक्रवार को कार्रवाई में एक-एक करके इनकी झुग्गियों पर बुलडोजर चला दिया। यहां की सभी 90 झुग्गियों को तोड़ दिया। कार्रवाई का लोगों ने विरोध किया, लेकिन कार्रवाई रही। पुलिस बल की मौजूदगी में झुग्ग्यिों को हटा दिया गया।

बता दें कि आसाराम तिराहे से लेकर रत्नागिरी तिराहे तक नेशनल हाई-वे पर अयोध्या बायपास को 10 लेने में विकसित करने का काम चल रहा है। केसर बस्ती की ये झुगिग्यां विकास कार्य में आड़े आ रही थीं। गुरुवार को चक्काजाम करके प्रर्दशकारियों ने राहगीरों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने की घटना को भी अंजाम दिया गया। गोविंदपुरा तहसीलदार सौरभ वर्मा ने बताया कि इस सड़क को चौड़ा किया जाना है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई) की ओर से नोटिस दिए गए थे। उन्हीं के निर्देश पर झुग्ग्यिों को हटाने की कार्रवाई हुई है।

प्रशासन ने पिछले महीने आनंद नगर से लेकर रत्नागिरी तिराहे तक करीब 61 दुकानों को हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान भी लोगों ने दूसरी जगह दुकानें देने की मांग की थी। दुकानों के अलावा मंदिर, पुलिस चौकी, सुलभ कॉम्प्लेक्स, वार्ड कार्यालय भी फ्लाईओवर के काम में आड़े आ रहे थे। प्रशासन ने समय देकर इन्हें भी हटाने की बात कही थी, जिससे फ्लाईओवर का काम समय रहते पूरा हो सके।
