पीएम मोदी के 'विकसित भारत' मैसेज पर चुनाव आयोग का एक्शन, IT मंत्रालय को दिया आदेश, कहा- इसे तुरंत बंद करें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा आम लोगों को भेजे जा रहे 'विकसित भारत' टाइटल वाले वॉट्सऐप संदेश पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है। इस संबंध में चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को एक नोटिस जारी किया और इसकी डिलीवरी को तुरंत रोकने के निर्देश दिए हैं। मामले पर मंत्रालय से अनुपालन रिपोर्ट तत्काल मांगी गई है। बता दें कि चुनाव आयोग को कई शिकायतें मिली थीं कि लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा के बाद और आचार संहिता लागू होने के बावजूद भी नागरिकों के फोन पर ऐसे संदेश अभी भी भेजे जा रहे हैं।
मंत्रालय ने दी ये दलील
इस मामले में मंत्रालय ने चुनाव आयोग को कहा- ये मैसेज आचार संहिता लागू होने से पहले भेजे गए थे, लेकिन ये सिस्टम और नेटवर्क इश्यू की वजह से देर से पहुंचे हैं।पीएम मोदी पर आचार संहिता उल्लंघन की दो शिकायतें
चुनाव आयोग ने 16 मार्च को 7 चरणों में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। जिसके तुरंत बाद ही आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसके लागू होने के साथ ही उल्लंघन की शिकायत भी दर्ज होने लगी हैं। पीएम मोदी के खिलाफ तो 24 घंटे में 2 शिकायतें आयोग तक पहुंची थीं। जिसमें दोनों शिकायत TMC की तरफ से की गई थी। • 18 मार्च- TMC नेता डेरेक ओब्रायन ने चुनाव आयोग को 18 मार्च को कंप्लेंट लेटर लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था- मोदी की ओर से 16 मार्च को आचार संहिता लागू होने के बाद विकसित भारत संकल्प यात्रा का वॉट्सऐप मैसेज देशवासियों के पास भेजा जा रहा है। PM की ओर से भेजे गए मैसेज में भाजपा का प्रचार अभी भी जारी है। • 17 मार्च- इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद साकेत गोखले ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश में एक चुनावी जनसभा में भाग लेने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया, जो आचार संहिता का उल्लंघन है। पीएम मोदी ने 17 मार्च को आंध्र प्रदेश के पलनाडु में लोकसभा सीट चिलकालूरिपेट में टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू के साथ एनडीए की एक रैली को संबोधित किया था।












