ED Raid in Bengal:कई ठिकानों पर छापे, 'सोना पप्पू' ने उगले कई राज, पूर्व DCP के घर भी पहुंची जांच एजेंसी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में ED की बड़ी कार्रवाई, सुबह सुबह शुरू हुई इस छापेमारी ने कोलकाता से लेकर मुर्शिदाबाद तक कई ठिकानों को अपनी चपेट में ले लिया। यह पूरा मामला उगाही, जमीन कब्जाने और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच के केंद्र में ‘सोना पप्पू’ नामक नेटवर्क और कुछ पूर्व पुलिस अधिकारियों के संबंध हैं। एजेंसी को शक है कि इस पूरे सिस्टम के जरिए अवैध पैसों का बड़ा खेल लंबे समय से चल रहा था।
ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई
सुबह के समय जब आम जीवन अपनी सामान्य रफ्तार में था, तभी ईडी की टीमों ने एक साथ कई जगहों पर दबिश दी। कोलकाता के कई इलाकों, होटलों और कारोबारी ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। इसी तरह मुर्शिदाबाद के कुछ स्थानों पर भी जांच अधिकारियों ने दस्तक दी। यह कार्रवाई अचानक की गई। यह पूरा ऑपरेशन कई दिनों की निगरानी और पूछताछ के बाद शुरू किया गया।
‘सोना पप्पू’ नेटवर्क पर गंभीर आरोप
इस पूरे मामले में ‘सोना पप्पू’ नाम के नेटवर्क को केंद्र में रखा जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ एक स्थानीय गिरोह नहीं बल्कि एक संगठित सिस्टम की तरह काम कर रहा था। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए जमीन से जुड़े विवादों, जबरन वसूली और दबाव बनाकर पैसे वसूलने का काम किया जाता था। इसके साथ ही कुछ कारोबारी लोगों के साथ भी इसके संबंध होने की बात सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया है कि पैसों को अलग अलग चैनलों के जरिए घुमाकर छिपाने की कोशिश की गई।
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पूर्व पुलिस अधिकारी के घर तक पहुंची जांच
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास का नाम सामने आना है। ईडी की टीम ने उनके आवास सहित कई अन्य पुलिस से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी तलाशी ली है। आरोप है कि इस नेटवर्क में कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जो कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी में थे। जांच एजेंसियों को शक है कि इनकी भूमिका सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं थी बल्कि नेटवर्क के संचालन में भी इनकी अहम भागीदारी हो सकती है। इसी वजह से यह केस और अधिक गंभीर होता जा रहा है।
व्हाट्सऐप चैट्स और डिजिटल सबूतों से खुल रहे राज
जांच के दौरान कई डिजिटल सबूत सामने आने की बात कही जा रही है, जिनमें व्हाट्सऐप चैट्स प्रमुख हैं। इन चैट्स को जांच एजेंसी ने महत्वपूर्ण कड़ी माना है क्योंकि इनके जरिए पैसों के लेन देन और बातचीत के संकेत मिले हैं। इसके अलावा कुछ ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। एजेंसी का मानना है कि डिजिटल डेटा इस पूरे नेटवर्क की असली संरचना को उजागर कर सकता है।
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आगे की जांच और बड़े नामों की संभावना
अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती इनपुट के आधार पर कई और नाम सामने आ सकते हैं जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते है।











