Astronomical Phenomenon :पृथ्वी और जुपिटर होंगे एक दूसरे के आमने-सामने, दूरी घटेगी-चमक बढ़ेगी

भोपाल। वर्ष की शुरुआत की शनिवार को महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसमें परिक्रमा करते हुए सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर या गुरु, हमारा ग्रह पृथ्वी और सूर्य तीनों एक सरल रेखा मे आ रहे हैं। जिससे जुपिटर हमसे नजदीक होने के कारण सबसे तेज चमक के साथ अपेक्षाकृत बड़ा दिखने जा रहा है।
63 करोड़ किमी रहेगी जुपिटर की दूरी
नेशनल अवॉर्ड प्राप्त साइंस कम्युनिकेटर सारिका घारू ने बताया कि शनिवार दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर जुपिटर, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे। इस समय जुपिटर की पृथ्वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किमी होगी। दूरी कम होने के कारण गुरुदर्शन का यह सबसे अच्छा अवसर होगा इस कारण सबसे अधिक चमकीला और अपेक्षाकृत बड़ा देख पाएंगे।
पूर्व दिशा में चमकता दिखेगा
बिना किसी टेलिस्कोप के जुपिटर को शाम को चमकते हुए पूर्व दिशा में देखा जा सकता है। लेकिन अगर आप टेलिस्कोप से देखेंगे तो इसकी डिस्क की पटि्टकाओं को तथा इसके चार गैलिलियन मून को भी देख पाएंगे । इस घटना के समय जुपिटर माइनस 2.68 के मैग्नीटयूड से चमक रहा होगा । जुपिटर जिसे गुरु भी कहते हैं इस समय आकाश में मिथुन तारामंडल में है । यह शाम उदित होने के बाद रात भर आकाश में रहकर मध्यरात्रि में सिर के ठीक उपर होगा तथा सुबह पश्चिम में अस्त होगा। खगोल प्रेमियों के लिए शनिवार सुनहरा मौका रहेगा जब पृथ्वी और बृहस्पति होंगे एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे।
जुपिटर के बारे में कुछ खास
- जुपिटर हमारे ग्रह पृथ्वी से लगभग 11 गुना चौड़ा है । अगर पृथ्वी को हम अंगूर के आकार की मानें तो जुपिटर का आकार बास्केटबॉल के आकार का होगा ।
- जुपिटर की सूर्य से इतनी ज्यादा दूरी है कि सूर्यप्रकाश इस तक पहुंचने में लगभग 43 मिनट लगते हैं।
- जुपिटर के अब तक 95 चंद्रमा खोजे जा चुके हैं ।












