भोपाल। डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में देश की टॉप-10 आईएएस सूची में शामिल दो युवाओं के मध्यप्रदेश से होने पर उन्हें शुभकामनाएं भी दी गईं। कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्यकाश्यप ने बताया कि किसानों के लिए सरकार ने गेहूं उपार्जन का समर्थन मूल्य 2625 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। इसमें 2585 रुपए केंद्र सरकार का समर्थन मूल्य है, जबकि 40 रुपए प्रति क्विंटल राज्य सरकार अतिरिक्त देगी। इसके अलावा उड़द की फसल पर किसानों को 600 रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य देने का निर्णय भी लिया गया है।
प्रदेश सरकार युवाओं को शासन व्यवस्था से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस’ कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत 4865 युवाओं को इंटर्न के रूप में काम करने का अवसर मिलेगा और उन्हें प्रति माह 10 हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा। यह योजना अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के माध्यम से संचालित की जाएगी। हर ब्लॉक में 15 युवाओं को जोड़ा जाएगा, जो सरकारी योजनाओं के जमीनी प्रभाव, चुनौतियों और कार्यान्वयन से जुड़ी जानकारी एकत्रित करेंगे। यह योजना तीन वर्षों तक संचालित होगी और डिजिटल माध्यम से विभिन्न योजनाओं से जुड़े आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे।
कैबिनेट ने स्वामित्व योजना के तहत बड़ा फैसला लेते हुए 46 लाख परिवारों को राहत देने का निर्णय लिया है। ऐसे परिवार जिनके पास अपनी संपत्ति के स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें अब मुफ्त में रजिस्ट्री की सुविधा दी जाएगी। राज्य सरकार ने तय किया है कि इन संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने पर स्टांप शुल्क पूरी तरह माफ किया जाएगा। इस निर्णय से लाखों ग्रामीण परिवारों को कानूनी स्वामित्व का अधिकार मिलेगा और संपत्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मैहर, कैमूर और निमरानी के अस्पतालों में स्टाफ की कमी को देखते हुए 51 नए पदों को स्वीकृति दी गई है। इन पदों के सृजन से अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है और मरीजों को अधिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
कैबिनेट बैठक में राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA)देने की घोषणा का औपचारिक अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा पहले की गई घोषणा को कैबिनेट ने मंजूरी देते हुए इसे लागू करने का रास्ता साफ कर दिया। इससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को राहत मिलेगी।
मंत्रि-परिषद की बैठक में सात विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी गई। इन योजनाओं पर कुल 33 हजार 240 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें ऊर्जा विभाग की आरडीएसएस योजना, वित्त विभाग की पब्लिक फंडिंग व्यवस्था को जारी रखना और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परिसंपत्तियों के रखरखाव से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के हालात को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर फिलहाल रोक जारी रहेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री काश्यप ने कहा कि राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता है और युद्ध की स्थिति का प्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।