Karnataka Oath Ceremony :कर्नाटक में अब डीके शिवकुमार 'सरकार', राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में ली शपथ

बेंगलुरु। डीके शिवकुमार बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने लोकभवन के 'ग्लास हाउस' डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान, शिवकुमार के अलावा 12 अन्य विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
जी. परमेश्वर उपमुख्यमंत्री बने, मुनियप्पा कैबिनेट मंत्री
डीके शिवकुमार के बाद वरिष्ठ नेता नेता जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद कांग्रेस के सीनियर नेता केएच मुनियप्पा ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली।
जॉर्ज, पाटिल, रेड्डी ने ली मंत्री पद की शपथ
शपथ ग्रहण समारोह में केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल और रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद की शपथ ली। गौरतलब है कि केएच मुनियप्पा और एमबी पाटिल को कांग्रेस के अनुभवी चेहरों में गिना जाता है, जबकि केजे जॉर्ज और रामलिंगा रेड्डी का भी राज्य की राजनीति में मजबूत प्रभाव माना जाता है।
प्रियांक खड़गे, जारकीहोली भी बने मंत्री
शपथ ग्रहण समारोह में सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरे गौड़ा, प्रियांक खड़गे और यूटी खादर ने मंत्री पद की शपथ ली। समारोह में कांग्रेस नेताओं और समर्थकों की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली। इनके अलावा ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धरमैया, बिरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल भी मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं। खादर और यतींद्र को छोड़कर अन्य सभी नेता पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में मंत्री रह चुके हैं। खादर अब तक कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष थे, जबकि यतींद्र, सिद्धरमैया के पुत्र हैं।
अगला विस्तार राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के बाद
विधानसभा के संख्याबल के आधार पर राज्य में मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 सदस्य हो सकते हैं। इस माह होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के बाद शिवकुमार मंत्रिमंडल का विस्तार होने की संभावना है। शपथ लेने से पहले, शिवकुमार ने खरगे, राहुल गांधी और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का गुलदस्ता देकर और कांग्रेस का 'अंगवस्त्रम' पहनाकर उनका स्वागत किया। राहुल गांधी ने शिवकुमार को गले लगाकर बधाई दी। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही आठ बार के विधायक डी.के. शिवकुमार का वह वह सपना साकार हो गया, जिसके लिए उन्होंने लंबे समय तक राजनीतिक संघर्ष किया। शिवकुमार और सिद्धरमैया के बीच काफी समय तक चली खींचतान का अंत पिछले सप्ताह सिद्धरमैया के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के साथ हुआ। सिद्धरमैया ने कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद बीते 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और उनके इस कदम से दक्षिण भारत में पार्टी के संकटमोचक माने जाने वाले शिवकुमार के लिए यह पद ग्रहण करने का रास्ता साफ हुआ।
शपथ ग्रहण से पहले आध्यात्मिक माहौल में दिखे शिवकुमार
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले डीके शिवकुमार के आवास पर धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। नए दायित्व की शुरुआत से पूर्व उनके घर पर विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। कई विद्वान पुजारी पूजा सामग्री के साथ उनके निवास पहुंचे, जहां राज्य की सुख-समृद्धि और सफल शासन के लिए मंत्रोच्चार के बीच विशेष प्रार्थनाएं की गईं। परिवार के सदस्य भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल रहे।
मंत्रिमंडल गठन में सामाजिक संतुलन पर जोर
नई सरकार के मंत्रिमंडल के गठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की रणनीति साफ दिखाई दी है। वोक्कालिगा, लिंगायत और दलित समुदायों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देते हुए प्रत्येक वर्ग से तीन-तीन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। वहीं कुरुबा समुदाय से दो नेताओं को मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति, मुस्लिम और ईसाई समुदायों को भी प्रतिनिधित्व देकर कांग्रेस ने सभी प्रमुख वर्गों को सरकार में भागीदारी देने का संदेश देने की कोशिश की है।












