Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Dick Cheney :अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी का निधन, इराक युद्ध के रणनीतिकार और सबसे ताकतवर उपराष्ट्रपति के रूप में रहे मशहूर

अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे अमेरिकी राजनीति में अपने कड़े रुख और इराक युद्ध में नीतिगत फैसलों के लिए जाने जाते थे। डिक चेनी अमेरिकी राजनीति के ऐसे नेता रहे जिन्होंने सत्ता के गलियारों में कठोर निर्णय लेने की परंपरा को परिभाषित किया।
अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी का निधन, इराक युद्ध के रणनीतिकार और सबसे ताकतवर उपराष्ट्रपति के रूप में रहे मशहूर
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके परिवार ने मंगलवार को एक बयान जारी कर बताया कि चेनी का निधन निमोनिया और हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण हुआ। लंबे समय से हृदय रोग से जूझ रहे चेनी को अमेरिका का सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली उपराष्ट्रपति कहा जाता था। वे 2001 से 2009 तक राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति रहे और इराक युद्ध की नीति बनाने में उनकी भूमिका निर्णायक रही।

    अमेरिका के सबसे ताकतवर उपराष्ट्रपति

    डिक चेनी अमेरिकी राजनीति के उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने उपराष्ट्रपति पद की भूमिका को नई परिभाषा दी। 2001 से 2009 तक वे बुश प्रशासन के प्रमुख रणनीतिकार रहे। उन्होंने इराक पर हमले के फैसले में अहम भूमिका निभाई थी। चेनी का मानना था कि इराक के पास “विनाशकारी हथियार” हैं और उनकी सलाह पर ही राष्ट्रपति बुश ने 2003 में इराक पर सैन्य अभियान चलाया। बाद में यह दावा झूठा साबित हुआ, लेकिन उस फैसले ने अमेरिका की विदेश नीति को दशकों तक प्रभावित किया।

    दिल की बीमारी से लंबी जंग

    चेनी ने अपने जीवन में पांच बार दिल का दौरा झेला। उन्हें 1978 में 37 साल की उम्र में पहला हार्ट अटैक आया था, जबकि आखिरी बार 2010 में गंभीर अटैक के बाद 2012 में हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। वे 2001 से अपने शरीर में हार्टबीट कंट्रोल करने वाली मशीन पहनते थे और उसे “विज्ञान का चमत्कार” कहते थे। डॉक्टरों ने उन्हें “जिंदा मिसाल” बताया था क्योंकि इतने बार अटैक झेलने के बाद भी वे सक्रिय रहे।

    वॉशिंगटन की राजनीति में मजबूत कद

    रिचर्ड ब्रूस चेनी का जन्म 30 जनवरी 1941 को नेब्रास्का में हुआ था। वे वायोमिंग से सांसद रहे और छह बार कांग्रेस के लिए चुने गए। 1989 में राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश ने उन्हें रक्षा मंत्री नियुक्त किया। इसी दौरान उन्होंने गल्फ वॉर (1991) में अमेरिकी सेना का सफल नेतृत्व किया। बिल क्लिंटन के शासनकाल में उन्होंने निजी क्षेत्र में कदम रखा और हॉलिबर्टन कंपनी के CEO बने।

    आतंक के खिलाफ युद्ध और कठोर नीतियां

    11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद चेनी ने अमेरिका की सुरक्षा नीति को आक्रामक रूप दिया। वे “प्री-एम्पटिव वॉर” यानी पहले हमला करने की नीति के समर्थक थे। उन्होंने कैदियों से कठोर पूछताछ जैसे वॉटरबोर्डिंग और नींद से वंचित रखने जैसी तकनीकों का भी बचाव किया। उनके अनुसार, “देश की सुरक्षा सर्वोपरि है।” यही कारण था कि वे अमेरिकी इतिहास के सबसे विवादास्पद उपराष्ट्रपतियों में गिने जाते हैं।

     ट्रम्प के विरोध में, कमला हैरिस को दिया वोट

    राजनीति के आखिरी वर्षों में चेनी अपनी पार्टी रिपब्लिकन से अलग-थलग पड़ गए। उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प को “कायर” और अमेरिकी लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा” बताया। 2024 के चुनाव में उन्होंने विपक्ष की नेता कमला हैरिस को वोट देने का ऐलान करते हुए कहा था कि देश और संविधान की रक्षा पार्टी से ऊपर है।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...

    Latest Posts