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तुर्कमान गेट में बुलडोजर एक्शन:अवैध निर्माण ढहे, पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में 7 जनवरी की तड़के हालात उस वक्त बिगड़ गए जब हाईकोर्ट के आदेश पर MCD ने मस्जिद से सटे अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। विरोध में पत्थरबाजी हुई और पुलिस को आंसू गैस व लाठीचार्ज करना पड़ा।
अवैध निर्माण ढहे, पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मी घायल
Ai generated
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में रामलीला मैदान के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए 7 जनवरी की तड़के बड़ी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा की गई। मस्जिद से सटे अवैध दवा घर, बारात घर और अन्य निर्माण को गैरकानूनी घोषित किया गया था।

    पहले शुरू हुआ बुलडोजर ऑपरेशन

    पहले योजना थी कि सुबह 8 बजे से कार्रवाई शुरू होगी, लेकिन हालात को देखते हुए प्रशासन ने तड़के करीब 1:30 बजे ही बुलडोजर चला दिया। मौके पर 10 से 17 जेसीबी मशीनें और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। RAF, CRPF और दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ रॉयट कंट्रोल व्हीकल भी मौजूद थे।

    कार्रवाई के दौरान भड़का विरोध

    अतिक्रमण हटाने के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। इस हिंसा में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पत्थरबाजी में करीब 25 से 30 लोग शामिल थे।

    पुलिस का कहना है कि लोगों को पहले ही साफ बता दिया गया था कि मस्जिद या धार्मिक ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। बावजूद इसके देर रात यह अफवाह फैल गई कि मस्जिद को भी गिराया जाएगा। इसी अफवाह के बाद सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए और हालात बिगड़ गए।

    अवैध जमीन पर चल रही थी कमाई

    सूत्रों के मुताबिक, जिस बैंक्वेट हॉल को गिराया गया है, उसकी बुकिंग एक कार्यक्रम के लिए करीब 1 लाख रुपए में होती थी। यानी अवैध कब्जे की जमीन पर लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। करीब 40 हजार स्क्वायर फीट जमीन L&DO की थी, जिस पर बिना वैध कागजात के निर्माण किया गया था।

    मस्जिद को नहीं पहुंचा नुकसान

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फैज-ए-इलाही मस्जिद की मुख्य दरगाह, जिसका मालिकाना हक करीब 952 गज भूमि पर है, को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। सिर्फ मस्जिद से सटे अवैध निर्माण जैसे लाइब्रेरी, डिस्पेंसरी, पार्किंग और बारात घर को ही गिराया गया है।

    पहले ही दी गई थी चेतावनी

    दिल्ली पुलिस और MCD ने कार्रवाई से पहले दो बार इलाके के लोगों और प्रबंधन समिति के साथ बैठक की थी। सभी पक्षों को मालिकाना हक साबित करने का पूरा मौका दिया गया था। सुनवाई के बाद ही यह कार्रवाई की गई। इसके बावजूद हिंसा होना पुलिस के लिए भी हैरानी की बात रही।

    BNA की धारा 164 लागू

    स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में BNA की धारा 164 लागू कर दी गई है। रामलीला मैदान की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। ट्रैफिक पर सख्ती है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि सुबह 11 बजे के बाद कुछ राहत दी जा सकती है।

    बुलडोजर एक्शन के बाद के हालात

    कार्रवाई के बाद इलाके में मलबा फैला हुआ है। जो अवैध निर्माण कल तक खड़े थे, वे अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। चारदीवारी हटा दी गई है और पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है। लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

    पत्थरबाजों पर होगी सख्त कार्रवाई

    पुलिस ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पत्थरबाजों की पहचान की जाएगी। घायल पुलिसकर्मियों के बयान के बाद FIR दर्ज होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मामले पर हाईकोर्ट की नजर

    इस पूरे मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। मस्जिद प्रबंधन समिति की याचिका पर अदालत ने शहरी विकास मंत्रालय, MCD और दिल्ली वक्फ बोर्ड से चार हफ्तों में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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