
नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी नीति केस में कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धन शोधन के मामलों में सुप्रीम कोर्ट आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया की जमानत देने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए मंगलवार को सहमत हो गया। न्यायमूर्ति बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सिसोदिया की याचिकाओं पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा। इसके साथ ही मामले पर अगली सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तारीख तय कर दी।
पीठ जमानत देने का अनुरोध करने वाली सिसोदिया की याचिकाओं के साथ ही आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार और धन शोधन मामलों में उनकी याचिकाओं पर पुनर्विचार करने के अनुरोध पर भी सुनवाई कर रही है।
16 महीनों से मनीष सिसोदिया जेल में बंद – वकील
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई की। आप नेता की तरफ से पेश वकील विवेक जैन ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पिछले 16 महीनों से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ मुकदमा उसी स्टेज में हैं, जैसा वह अक्टूबर, 2023 में था।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 22 जुलाई तक न्यायिक हिरासत बढ़ाई
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई केस में उनकी न्यायिक हिरासत 22 जुलाई तक बढ़ा दी है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने पहले सिसोदिया की हिरासत 15 जुलाई तक बढ़ा दी थी। आज उनकी हिरासत खत्म हो रही थी। उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।
3 जुलाई को दिल्ली की एक अदालत ने शराब नीति से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 25 जुलाई तक बढ़ा दी थी।
सुप्रीम कोर्ट से भी लगा झटका
दिल्ली शराब घोटाला मामले में जमानत के लिए हाई कोर्ट से निराश हुए पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मनीष सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी जमानत की गुहार लगाई थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई और ईडी मामले में जमानत की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।
जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस संजय कुमार की बेंच 11 जुलाई को सुनवाई करने वाली थी। लेकिन सुनवाई करने वाली पीठ में शामिल जस्टिस संजय कुमार ने निजी वजहों से खुद को मामले से अलग कर दिया।
जेल में बंद हैं मनीष सिसोदिया
पिछले साल 26 फरवरी को सीबीआई दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया था। तभी से वे सिसोदिया जेल में हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट के सामने कई बार उनकी पेशी भी हुई, लेकिन उन्हें अब तक राहत नहीं मिली।
क्या है पूरा मामला ?
दिल्ली में केजरीवाल की सरकार में डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू कर दी गई। नई शराब नीति लागू करने के बाद सरकार शराब के कारोबार से बाहर आ गई और शराब की पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गई। नई नीति लाने के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार का रेवेन्यू में बढ़ेगा। नई नीति से रेवेन्यू में 1500-2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी।
नई पॉलिसी में कहा गया था कि दिल्ली में शराब की कुल दुकानें पहले की तरह 850 ही रहेंगी। हालांकि, नई नीति शुरू से ही विवादों में रही। जब बवाल ज्यादा बढ़ गया, तब 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी। मामले में सीबीआई को जांच ट्रांसफर दी गई। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा एंगल आने पर इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हो गई। उसके बाद से AAP के कई सीनियर नेता और उनके करीबी सहयोगी जांच एजेंसी के निशाने पर आ गए।
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