11 महीने में दो बच्चे!एक बार फिर मां बनीं सीमा हैदर, जन्मा छठा बच्चा, लोग हैरान!

नोएडा। पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर ने बीती रात अपने घर में खुशियों की लहर बिखेर दी। उन्होंने नोएडा के एक प्राइवेट अस्पताल में अपने छठे बच्चे को जन्म दिया। 11 महीने पहले ही उन्होंने बेटी को जन्म दिया था। सीमा के चार अन्य बच्चे उनके पाकिस्तानी पति से हैं, जबकि भारतीय पति सचिन मीणा से यह उनका दूसरा बच्चा है।
दरअसल, मेडिकल रिसर्च बताती है कि छोटे अंतराल में दो बार प्रेग्नेंसी होने पर कुछ स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं। डॉक्टरों ने मां और नवजात दोनों के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
मां और बच्चा दोनों स्वस्थ
सीमा हैदर की डिलीवरी नॉर्मल हुई और डॉक्टरों के अनुसार मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। देर शाम डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके बाद सीमा अपने पति सचिन मीणा के साथ नोएडा के रबूपुरा स्थित अपने घर लौट गईं। घरवालों और पड़ोसियों ने उन्हें बधाई दी। सचिन के परिवार ने मोहल्ले में मिठाई बांटकर खुशियों का इजहार किया।
सीमा और सचिन की प्रेम कहानी
सीमा हैदर साल 2023 से नोएडा के रबूपुरा में सचिन मीणा के साथ रह रही हैं। दोनों की कहानी पहले भी चर्चा में रही है। यह दंपती सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है और उनका YouTube चैनल 2 मिलियन से ज्यादा लोगों द्वारा देखा जाता है। 2 महीने पहले ही सीमा ने अपने यूट्यूब चैनल पर 11 मिनट का वीडियो अपलोड करके मां बनने की बात फैंस के साथ साझा की थी।
कम अंतराल क्यों है जोखिम भरा?
जब एक महिला लगातार कम अंतर में दो बच्चों को जन्म देती है, तो मां का शरीर पूरी तरह से रिकवर नहीं कर पाता। प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान शरीर में आयरन, फोलेट और अन्य जरूरी पोषक तत्व कम हो जाते हैं। अगर शरीर को रिकवरी का पर्याप्त समय न मिले, तो अगली प्रेग्नेंसी में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
ज्यादा जोखिम:
- प्रिमैच्योर डिलीवरी (37 हफ्तों से पहले जन्म)
- कम वजन का बच्चा
- जन्म से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं
- मां में एनीमिया (खून की कमी)
रिपोर्ट के अनुसार, अगर पहली डिलीवरी के छह महीने के भीतर दूसरी प्रेग्नेंसी होती है, तो ये जोखिम ज्यादा होते हैं।
ज्यादा अंतराल भी सुरक्षित नहीं
कम अंतराल ही नहीं, बहुत ज्यादा अंतराल भी जोखिम भरा हो सकता है। लंबे समय के बाद गर्भधारण करने पर मां में हाई ब्लड प्रेशर, कठिन प्रसव या अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए एक्सपर्ट्स अक्सर सलाह देते हैं कि जन्म के बाद अगली प्रेग्नेंसी में 18 से 24 महीने का गैप सबसे सुरक्षित माना जाता है।




















